




भटनेर पोस्ट खेल डेस्क
बीती रात हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल का मैदान किसी मेले से कम नहीं लग रहा था। फ्लडलाइट की तेज़ रोशनी में चमकता मैदान, बल्ले से टकराती गेंद की आवाज़ और हर चौके-छक्के पर गूंजती तालियों ने माहौल को पूरी तरह क्रिकेटमय बना दिया। दर्शकों की भीड़, बच्चों का उत्साह और खिलाड़ियों की आंखों में जीत की ललक। यही जीवंत दृश्य सरदार राम सिंह मेमोरियल नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट की पहचान बन गया है। टूर्नामेंट के तहत कुल तीन ज़ोरदार मुकाबले खेले गए, जिनमें चार टीमों, पीलीबंगा मंडी, संगरिया मंडी, नोहर मंडी और मल्लरखेड़ा ने हिस्सा लिया। हर मैच में रोमांच आख़िरी ओवर तक बना रहा और दर्शकों को पूरा पैसा वसूल मनोरंजन मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ बार संघ अध्यक्ष रोहित खिंची ने खिलाड़ियों और उपस्थित युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन का रास्ता भी है। उनके इस संदेश को खिलाड़ियों और दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा। स्कूल प्रबंध समिति अध्यक्ष अमन संधू ने मुख्य अतिथि का हृदय से आभार व्यक्त किया और सभी टीमों को खेल भावना के साथ खेलने की शुभकामनाएं दीं।

पहला मैच पीलीबंगा मंडी और संगरिया मंडी के बीच खेला गया। मुकाबला शुरुआत से ही कांटे का रहा, लेकिन पीलीबंगा मंडी की टीम ने सूझबूझ भरा खेल दिखाते हुए संगरिया मंडी को 12 रन से पराजित किया। इस मैच में उत्कर्ष ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 46 रन की तेज़ पारी खेली और गेंदबाज़ी में 2 विकेट भी चटकाए। उनके ऑल-राउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।

दूसरे मैच में नोहर मंडी और मल्लरखेड़ा की टीमें आमने-सामने थीं। नोहर मंडी ने इस मैच में एकतरफ़ा खेल दिखाया और 8 विकेट से जीत दर्ज की। इस मैच के हीरो रहे रियाज, जिन्होंने 18 रन की उपयोगी पारी खेलने के साथ-साथ गेंदबाज़ी में 4 विकेट झटके। उनके इस दमदार प्रदर्शन ने मैच को पूरी तरह नोहर मंडी के पक्ष में कर दिया।

तीसरे सबसे अहम मुकाबले में नोहर मंडी ने पीलीबंगा मंडी को 10 विकेट से हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। यह मैच नोहर मंडी की रणनीति और टीमवर्क का बेहतरीन उदाहरण रहा। मनजीत ने 29 रन की नाबाद पारी खेली और गेंदबाज़ी में 1 विकेट भी लिया, जिसके चलते उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।
रात के मैचों का असली मज़ा दर्शकों ने लिया। दूर-दराज़ से आए लोग अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का ज़ोर-शोर से उत्साहवर्धन करते नज़र आए। हर बाउंड्री पर सीटियां, हर विकेट पर तालियां? मैदान का माहौल पूरी तरह जोशीला रहा।
खास बात यह रही कि सभी टीमों में आपसी सामंजस्य और खेल भावना साफ दिखाई दी। हारने वाली टीमें भी मुस्कुराते चेहरे के साथ मैदान से उतरीं।

स्कूल मैनेजमेंट कमेटी अध्यक्ष अमन संधू ने कहा, ‘यह टूर्नामेंट सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि युवाओं को खेल, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ने का माध्यम है। नाइट क्रिकेट के ज़रिये हम युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखना चाहते हैं। हारने वाली टीमों ने भी जिस खेल भावना का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। हम भविष्य में और भी बेहतर आयोजन करेंगे।’ उन्होंने हारने वाली टीमों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज की हार कल की सीख बनती है।
कुल मिलाकर, सरदार राम सिंह मेमोरियल नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट ने यह साबित कर दिया कि जब आयोजन सधा हुआ हो और उद्देश्य साफ हो, तो खेल समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम बनता है। जीतने वाली टीमों के साथ-साथ हारने वाली टीमों और आयोजनकर्ताओं, खासकर अमन संधू को भी दर्शकों ने खुले दिल से सराहा। टूर्नामेंट के आने वाले मुकाबलों को लेकर अब उत्साह और भी ज़्यादा बढ़ गया है।





