




भटनेर पोस्ट ब्यूरो
हनुमानगढ़ स्थित हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या को लेकर वार्डवासियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लोगों ने आरोप लगाया कि बाईपास स्थित हैवन सिटी कॉलोनी के कॉलोनाइजर ने अवैध रूप से सड़क के नीचे पाइपलाइन डालकर ड्रेनेज सिस्टम का गंदा पानी हाउसिंग बोर्ड के मुख्य नाले में छोड़ा है। इससे पहले से दबाव झेल रहे नाले पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और हर बारिश में हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र जलमग्न हो जाता है।
पूर्व पार्षद गुरदीप चहल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वार्डवासी मौके पर पहुंचे। लोगों ने विरोध जताते हुए कथित अवैध पाइपलाइन के खुले हिस्से को ढक्कन लगाकर बंद कर दिया और प्रशासन से इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब बारिश होती है तो हाउसिंग बोर्ड का नाला पहले ही अपनी क्षमता के अनुरूप पानी वहन कर रहा होता है। ऐसे में बाहरी कॉलोनियों का पानी भी इसी नाले में छोड़ दिए जाने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो जाती है और बरसाती पानी लोगों के घरों में घुस जाता है।
सूचना मिलने पर नगरपरिषद के एक्सईएनरामावतार मीणा भी मौके पर पहुंचे और वार्डवासियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान गुरदीप चहल ने उन्हें बताया कि नगरपरिषद क्षेत्र के विस्तार के बाद 2 केएनजे, आईटीआई बस्ती सहित अन्य आबादियों के वर्षा जल एवं ड्रेनेज का निस्तारण भी हाउसिंग बोर्ड के नाले से जोड़ दिया गया है। इसके कारण प्रत्येक बारिश में सबसे अधिक परेशानी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के लोगों को उठानी पड़ती है। कई घरों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

चहल ने आरोप लगाया कि इस समस्या से नगरपरिषद अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षक रमनदीप कौर को कई बार अवगत कराया जा चुका है। मक्कासर की ओर जाने वाले प्रमुख नालों सहित अन्य नालों की नियमित सफाई की मांग भी बार-बार उठाई गई, लेकिन समय पर सफाई नहीं होने से नालों में गाद और कचरा जमा हो गया। परिणामस्वरूप पानी का बहाव रुक गया और बरसाती पानी ओवरफ्लो होकर कॉलोनी की सड़कों तथा घरों में फैल गया।
इस दौरान वार्डवासियों ने अग्रसैन चौक से खुंजा की ओर जाने वाले नाले के दबाव को दोनों ओर बराबर बांटने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में अग्रसैन चौक की ओर से आने वाला गंदा पानी और गंदगी का अधिकांश दबाव हाउसिंग बोर्ड के नाले पर पड़ता है। यदि जल निकासी का संतुलित प्रबंधन किया जाए तो हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र को काफी राहत मिल सकती है।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि लगातार जलभराव के कारण केवल घरेलू सामान ही खराब नहीं हुआ, बल्कि कई मकानों की नींव भी कमजोर पड़ गई है। कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं और कुछ मकानों की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि छतों को गिरने से बचाने के लिए बांस के बल्लों का सहारा देना पड़ रहा है। इससे लोगों में भय का माहौल है और वे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की कि कथित अवैध पाइपलाइन की तकनीकी जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के सभी नालों की तत्काल सफाई कराई जाए, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए तथा बाहरी क्षेत्रों के वर्षा जल और ड्रेनेज के लिए अलग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
मौके पर मौजूद एक्सईएन रामावतार मीणा ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई तथा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही बारिश के दौरान ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तकनीकी स्तर पर भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिससे हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान काला पहलवान, वीरेंद्र सिंह, गगन मान, अब्दुल कादरी, मनोज बड़सीवाल, डॉ. स्वर्ण सिंह, बिट्टू, जंगीर सिंह, कुलजीत रमाना, लखविंद्र सिंह, अरबाज खान सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।







