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पीले-लाल परिधानों में सजी सैकड़ों मातृशक्तियां, सिर पर मंगल कलश, धूप-अगरबत्ती की सुगंध से महकता परिवेश और हवा में गूंजते ‘जय माता दी’ के गगनभेदी जयकारे। हनुमानगढ़ टाउन की सड़कें 10 अक्टूबर को पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगी नजर आईं। श्री दुर्गा पूजा समिति, मिथिला कॉलोनी के 21वें महोत्सव का आगाज ठीक उसी भव्यता और श्रद्धा के साथ हुआ, जैसा माहौल किसी बड़े आस्था कुंभ में दिखता है।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जब मुख्य यजमानों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई और अतिथियों ने हरी झंडी दिखाई, तो महावीर दल धर्मशाला से 551 कलशों की कतारबद्ध शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों पर निकल पड़ी। ढोल-नगाड़ों की थाप और शंखध्वनि के साथ आगे बढ़ते श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था का तेज साफ झलक रहा था। समूचा मार्ग मां भगवती के स्वागत में जीवंत हो उठा और शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर इस पावन यात्रा का स्वागत किया।
मुख्य यजमान अमित मिश्रा सपत्नीक और अमर सिंह ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना करवाई। पूजा संपन्न होने के बाद कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसे अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। व्यापार मंडल शिक्षण समिति अध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण, बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र पारीक, पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष जिनेंद्र जैन बेबी, पवन खदरिया सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। शोभायात्रा महावीर दल धर्मशाला से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई आयोजन स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ भाग लिया।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि श्री दुर्गा पूजा महोत्सव पिछले 20 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इसमें शहरवासियों का भरपूर सहयोग मिलता रहा है। श्रद्धालुओं की माता दुर्गा के प्रति गहरी आस्था है। मान्यता है कि महोत्सव के दौरान सच्चे मन और श्रद्धा से माता रानी के समक्ष मनोकामना करने वाले भक्तों की इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में भाग लेते हैं।
समिति अध्यक्ष बलदेवदास ने बताया कि महोत्सव के तहत 11 अक्टूबर को घट स्थापना होगी। 16 अक्टूबर को बेल निमंत्रण और 17 अक्टूबर को माता की मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए माता के कपाट खोल दिए जाएंगे। नवरात्र के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम माता की आरती की जाएगी। 19 अक्टूबर को नवमी के अवसर पर भव्य महाआरती के बाद हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन होगा। इसी रात भव्य जागरण किया जाएगा। 20 अक्टूबर को माता की मूर्ति की विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गंगानगर रोड स्थित बड़ी नहर पहुंचेगी, जहां मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति संरक्षक अशोक गौतम, प्रमोद यादव, देवकीनंदन चौधरी, अध्यक्ष बलदेवदास, सचिव दिलखुश मंडल, सहसचिव सुरेश दास, कोषाध्यक्ष शिवचंद यादव, सहकोषाध्यक्ष कमलेश यादव, उपप्रधान धर्मेंद्र दास, सहप्रवक्ता अमित मिश्रा, बहरू ठाकुर, श्याम दास, पंडित मुरारी लाल शास्त्री, अमरजीत चौधरी, जयप्रकाश, कुलदीप, पप्पू यादव, मंटू राय, श्याम चौधरी, पंडाल प्रभारी संदीप महंतो, विकास रंगीला और सुरेश सोनी सहित समिति के अन्य सदस्य तथा समाज के नागरिक मौजूद रहे।






