





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
राजस्थान सरकार ने हनुमानगढ़ जिले की कानून-व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2022 बैच के युवा अधिकारी बी. आदित्य को जिले का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया है। तेज-तर्रार कार्यशैली, सख्त पुलिसिंग और संगठित अपराध के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए पहचान रखने वाले बी. आदित्य अब हनुमानगढ़ की कमान संभालेंगे। इससे पहले वे प्रतापगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे, जहां उन्होंने नशा तस्करी, संगठित अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ कई प्रभावी अभियान चलाकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
मूल रूप से तेलंगाना के हैदराबाद निवासी बी. आदित्य ने जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली महत्वपूर्ण नियुक्ति श्रीगंगानगर में सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में हुई। सीमावर्ती क्षेत्र में काम करने के दौरान उन्होंने नशा तस्करी, अंतरराज्यीय अपराध और सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों को बेहद करीब से समझा। यही अनुभव अब हनुमानगढ़ जैसे संवेदनशील जिले में उनके लिए बड़ी ताकत माना जा रहा है।

हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर लंबे समय से नशे की तस्करी के प्रमुख मार्गों में शामिल रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि नए एसपी की पहली प्राथमिकता नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाना होगी। पुलिस महकमे के जानकारों का मानना है कि बी. आदित्य अपने पूर्व अनुभव का लाभ उठाते हुए नशा तस्करों के नेटवर्क, उनकी आर्थिक गतिविधियों और सप्लाई चेन पर सीधा प्रहार कर सकते हैं।
प्रतापगढ़ में एसपी रहते हुए बी. आदित्य ने कई प्रभावशाली अभियान चलाए। इनमें सबसे चर्चित ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ रहा, जिसके तहत मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल गिरोहों पर व्यापक कार्रवाई की गई। इस अभियान में करोड़ों रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए और कई तस्करों को गिरफ्तार कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। इस अभियान ने प्रतापगढ़ पुलिस की कार्यशैली को नई पहचान दिलाई।

इसके अलावा उन्होंने ‘ऑपरेशन विश्वास’ के माध्यम से मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी निर्णायक अभियान चलाया। इस कार्रवाई में कई पीड़ितों को मुक्त कराया गया और मानव तस्करी से जुड़े गिरोहों पर कानूनी शिकंजा कसा गया। इन अभियानों ने यह स्पष्ट कर दिया कि बी. आदित्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अपराध के पूरे तंत्र को समाप्त करने की रणनीति पर काम करते हैं।

प्रतापगढ़ में उनके कार्यकाल के दौरान पारदर्शी पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई और आमजन से बेहतर संवाद की भी व्यापक सराहना हुई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ उन्होंने पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया। यही कारण रहा कि उनकी कार्यशैली को स्थानीय नागरिकों और पुलिस महकमे दोनों ने सकारात्मक रूप से सराहा।
हनुमानगढ़ में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब जिले में नशा तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। सीमावर्ती भौगोलिक स्थिति के कारण यहां अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में बी. आदित्य से अपेक्षा की जा रही है कि वे आधुनिक तकनीक, खुफिया तंत्र और विशेष अभियानों के माध्यम से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
जिले के लोगों को उम्मीद है कि नए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में हनुमानगढ़ में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी, नशा तस्करी के खिलाफ निर्णायक अभियान देखने को मिलेगा तथा अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। युवा नेतृत्व और सख्त प्रशासनिक शैली के साथ बी. आदित्य की तैनाती को जिले की पुलिस व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।







