



भटनेर पोस्ट डेस्क
हनुमानगढ़ स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संगठन स्पन्दन के अंतर्गत गठित ‘दृष्टिकोण क्लब’ के सौजन्य से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए मीडिया कार्यप्रणाली पर आधारित एक विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को मीडिया, पत्रकारिता और प्रसारण प्रणाली की बारीकियों से परिचित करवाना था, ताकि वे आधुनिक मीडिया जगत की कार्यशैली को व्यवहारिक रूप से समझ सकें।
श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और युवाओं की सकारात्मक सोच समाज में परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी शक्ति है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, संचार कौशल और रचनात्मक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विभागाध्यक्ष सोनिका चौधरी ने विद्यार्थियों को वीडियो एवं फोटोग्राफी की तकनीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी समाचार या कार्यक्रम की प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए कैमरा एंगल, लाइटिंग, फ्रेमिंग और विजुअल प्रस्तुति का विशेष महत्व होता है। इस दौरान विद्यार्थियों को विभाग के स्टूडियो का भ्रमण भी करवाया गया, जहां उन्हें ब्रॉडकास्टिंग की प्रक्रिया, कैमरा संचालन, एंकरिंग तथा इंटरव्यू लेने की तकनीकों का लाइव प्रदर्शन करके समझाया गया।
सोनिका चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक और सकारात्मक दिशा देने का सशक्त मंच बन चुका है। यदि वे रचनात्मक सोच, अभिव्यक्ति क्षमता और तकनीकी दक्षता विकसित करें तो मीडिया के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी मनीष कौशिक ने विद्यार्थियों को समाचार लेखन, न्यूज़ कवरेज और प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में समाचार प्रेषण की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक प्रभावी समाचार तैयार करने के लिए तथ्यों की सत्यता, भाषा की सरलता और प्रस्तुति की स्पष्टता अत्यंत आवश्यक होती है। कौशिक ने कहा कि डिजिटल युग में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और आज के विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ जिम्मेदार एवं संवेदनशील पत्रकारिता की समझ भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समाचार निर्माण की प्रक्रिया का व्यवहारिक अभ्यास भी करवाया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मीडिया स्टूडियो, कैमरा संचालन और समाचार निर्माण प्रक्रिया को लेकर विशेष उत्साह दिखाया तथा विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना रहा।







