





भटनेर पोस्ट डेस्क
सुबह की हल्की धूप, कदमों की लय और हाथों में स्वास्थ्य का संदेश। डॉक्टर्स डे के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हनुमानगढ़ द्वारा आयोजित वॉकथॉन ने शहर को मानो चलायमान कर दिया। भारत माता चौक से सेंट्रल पार्क तक निकली इस दौड़ में डॉक्टर, आमजन, युवा और वरिष्ठ, सब एक साथ दिखे, जैसे सेहत की डोर ने सबको बांध लिया हो। उद्देश्य साफ था, नियमित व्यायाम, संतुलित जीवनशैली और डॉक्टर-मरीज के बीच भरोसेभरे संवाद का संदेश घर-घर तक पहुँचाना। सेंट्रल पार्क में संवाद, कार्यशाला और निःशुल्क जांच के साथ यह आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज की ओर एक ठोस कदम बनकर उभरा।
वॉकथॉन को आईएमए के पूर्व स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. एम.पी. शर्मा, स्टेट वाइस प्रेसिडेंट डॉ. भवानी सिंह एरन, आईएमए हनुमानगढ़ अध्यक्ष डॉ. एस.एस. गेट, सचिव डॉ. अर्जुन राठौड़, कोषाध्यक्ष अमृतपाल सिंह, संरक्षक डॉ. पारस जैन, डॉ. बृजेश गौड़ तथा राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कीर्ति शेखावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सेंट्रल पार्क में आयोजित कार्यशाला के दौरान डॉक्टरों और आमजन के बीच सीधा संवाद कराया गया, जिसमें डॉक्टर-पेशेंट रिलेशनशिप को और अधिक विश्वासपूर्ण एवं सकारात्मक बनाने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान निशुल्क जाँच महावीर लैब ओम स्वामी निःशुल्क शुगर जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया।
आईएमए के पूर्व स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. एम.पी. शर्मा ने कहा कि आईएमए चिकित्सकों और आमजन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है। संस्था का उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही अनेक बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। विश्व चिकित्सक दिवस चिकित्सकों की सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं और आईएमए समाज तथा चिकित्सकों के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल उपचार नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी है।
आईएमए के संरक्षक डॉ. पारस जैन ने डॉक्टर-मरीज संबंधों को स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि उपचार तभी सफल होता है, जब डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास, पारदर्शिता और सकारात्मक संवाद बना रहे। दोनों पक्षों को एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझते हुए सहयोगात्मक व्यवहार अपनाना चाहिए।
डॉ. निशांत बत्रा ने कहा कि कुछ घटनाओं के आधार पर पूरे चिकित्सक समुदाय को ष्लुटेराष् मानना उचित नहीं है। अधिकांश डॉक्टर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा भावना के साथ मरीजों का उपचार करते हैं। समाज को चिकित्सकों के योगदान का सम्मान करना चाहिए और उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए।

आईएमए हनुमानगढ़ अध्यक्ष डॉ. एस.एस. गेट ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी चिकित्सकों, अतिथियों एवं आमजन का स्वागत करते हुए कहा कि सेवा सप्ताह के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, डॉक्टर-मरीज संवाद और निवारक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जनहित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वस्थ समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।

स्टेट वाइस प्रेसिडेंट डॉ. भवानी सिंह एरन ने कहा कि नियमित पैदल चलना, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास जितना मजबूत होगा, उपचार उतना ही प्रभावी होगा।
आईएमए हनुमानगढ़ अध्यक्ष डॉ. एस.एस. गेट ने कहा कि सेवा सप्ताह के माध्यम से चिकित्सा सेवा को अस्पतालों तक सीमित न रखकर समाज के बीच ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का लक्ष्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि लोगों को बीमार होने से पहले ही जागरूक करना है।

सचिव डॉ. अर्जुन राठौड़ ने बताया कि सेवा सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न जनहित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य जांच, जनजागरूकता अभियान और चिकित्सकों व आमजन के बीच सीधा संवाद शामिल है।
कोषाध्यक्ष अमृतपाल सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति छोटी-छोटी सावधानियां भविष्य में बड़ी बीमारियों से बचा सकती हैं। उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील की।
डॉ. बृजेश गौड़ ने कहा कि समय पर जांच और सही परामर्श से गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव है। लोगों को किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
महावीर इंटरनेशनल वीरा की कंचन गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि प्लास्टिक का उपयोग कम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक नागरिक को प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
श्पॉवर ऑफ़ पेडलश् की ओर से वक्ताओं ने कहा कि नियमित रूप से साइकिल का उपयोग करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है, पर्यावरण प्रदूषण कम होता है और ईंधन की भी बचत होती है। स्वस्थ जीवनशैली के लिए दैनिक जीवन में साइकिल को अपनाने का आह्वान किया गया।
कैप्टन बलवंत ने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच संबंध विश्वास, संवाद और आपसी समझ पर आधारित होने चाहिए। दोनों पक्ष एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझेंगे तो उपचार की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और संतोषजनक होगी। मेडिकल छात्र श्याम चौधरी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव से सीखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सेवा भावना, अनुशासन और निरंतर अध्ययन से ही एक कुशल चिकित्सक बना जा सकता है।




