



भटनेर पोस्ट डेस्क
हनुमानगढ़ के पत्रकार समुदाय के लिए आज का दिन अत्यंत पीड़ादायक और भावुक करने वाला है। शहर के दो सक्रिय पत्रकारों के परिवारों पर एक साथ दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्रकार विकास आचार्य के भाई अशोक कुमार आचार्य तथा पत्रकार विशु वाट्स के भाई राजेंद्र वाट्स का निधन हो गया। दोनों ही कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका उपचार निरंतर जारी था।
परिजनों ने अपने स्तर पर इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी। चिकित्सकीय परामर्श, दवाइयों और देखभाल में हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन कहते हैं न, जिंदगी की डोर आखिरकार उस अदृश्य शक्ति के हाथों में होती है, जिस पर किसी का वश नहीं चलता। तमाम प्रयासों के बावजूद दोनों को बचाया नहीं जा सका। उनके असामयिक निधन से न केवल दोनों परिवारों में शोक का माहौल है, बल्कि पूरे पत्रकारिता जगत में गहरी संवेदना व्याप्त है।

अशोक कुमार आचार्य और राजेंद्र वाट्स का इस प्रकार अचानक दुनिया से चले जाना सभी के लिए अत्यंत कष्टदायक है। परिजनों के लिए इस असहनीय दुःख को सहन करना आसान नहीं है। ऐसे कठिन समय में केवल समय और धैर्य ही घावों पर मरहम बन पाते हैं। रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधा रहे हैं और हर संभव सहयोग का भरोसा दिला रहे हैं।

दोनों दिवंगतों का अंतिम संस्कार 26 मई को सुबह 11 बजे हनुमानगढ़ टाउन स्थित कल्याण भूमि में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और परिचितों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। पत्रकार संगठनों ने भी शोक व्यक्त करते हुए अंतिम यात्रा में शामिल होने की अपील की है।

इस दुःखद समाचार के बाद से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। अनेक वरिष्ठ और कनिष्ठ पत्रकारों ने इसे व्यक्तिगत क्षति बताते हुए अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से भी लोग दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और परिजनों को इस कठिन घड़ी में संबल देने की प्रार्थना कर रहे हैं।
पत्रकार समुदाय, जो अक्सर दूसरों के दुःख-दर्द को शब्द देता है, आज स्वयं गहरे शोक में डूबा हुआ है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि जीवन क्षणभंगुर है और अपनों का साथ सबसे बड़ा संबल होता है। पूरे हनुमानगढ़ का पत्रकार जगत दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता है और ईश्वर से कामना करता है कि शोकाकुल परिवारों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान हो।






