




भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
सफेद वस्त्रों में सजी श्रद्धा, हाथों में शांति के ध्वज, बैंड-बाजों की गूंजती धुनें और ‘भगवान महावीर की जय’ के उद्घोष से सराबोर वातावरण। हनुमानगढ़ टाउन आज आस्था और अनुशासन का जीवंत चित्र बन गया। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के 2622वें जन्म कल्याणक के अवसर पर संपूर्ण शहर में भक्ति, उल्लास और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। अहिंसा, सत्य और ‘जियो और जीने दो’ के शाश्वत संदेश को आत्मसात करती भव्य शोभायात्रा ने न केवल शहर के प्रमुख मार्गों को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया, बल्कि समाज को शांति और सद्भाव का सशक्त संदेश भी दिया।
हनुमानगढ़ टाउन में सकल जैन समाज के तत्वावधान में कार्यक्रम की शुरुआत दिगम्बर जैन मंदिर, पंजाबी मोहल्ला स्थित श्री शांतिनाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा के रूप में हुई। साध्वी निर्मल यशा जी ठाणा-3 के सानिध्य में मंगलपाठ किया गया। विधायक गणेशराज बंसल ने झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा के दौरान यातायात पुलिस थाना के सामने अहिंसा सर्कल का उद्घाटन भी साध्वी निर्मल यशा जी और विधायक गणेशराज बंसल द्वारा किया गया, जो समाज में शांति और अहिंसा के संदेश को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष डॉ. पारस जैन ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। उन्होंने विधायक के समक्ष मांग रखी कि गुरुद्वारा शहीद बाबा सुखा सिंह बाबा महताब सिंह से नगर परिषद रोड का नाम भगवान शांतिनाथ मार्ग रखा जाए। इस पर विधायक गणेशराज बंसल ने आश्वासन दिया कि आगामी नगर परिषद बैठक में प्रस्ताव पारित कर नामकरण की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जिसमें पुरानी तहसील, लालाजी चौक, मेन बाजार, हिसारिया मार्केट, इंदिरा चौक, सुभाष चौक और नई धान मंडी रोड शामिल रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। तेरापंथ सभा में शोभायात्रा का विशेष स्वागत किया गया तथा जलपान की व्यवस्था की गई। इसके बाद यात्रा पुलिस कॉलोनी होते हुए नगर परिषद के सामने से गुजरकर ऐतिहासिक भटनेर दुर्ग स्थित शांतिनाथ मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माथा टेककर पूजा-अर्चना की। अंत में शोभायात्रा एस.एस. जैन सभा में संपन्न हुई।

शोभायात्रा का दृश्य अत्यंत आकर्षक और भक्तिमय रहा। सबसे आगे घोड़ों पर सवार युवक शांति का प्रतीक ध्वज लिए चल रहे थे, वहीं पीछे बैंड-बाजों की मधुर धुन वातावरण को उल्लासमय बना रही थी। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं और बच्चों के हाथों में भगवान महावीर के उपदेशों से सजी तख्तियां थीं। ‘भगवान महावीर की जय’ के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा। बड़ी संख्या में जैन समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चे इसमें शामिल हुए। समापन के पश्चात एस.एस. जैन सभा में समाज की ओर से चाय-नाश्ते का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में श्वेताम्बर जैन स्थानक समिति टाउन व जंक्शन, श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ, तेरापंथ जैन सभा टाउन व जंक्शन तथा दिगम्बर जैन समाज के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। खास बात यह रही कि जैन समाज के सभी वर्गों के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर पूर्ण रूप से इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया और एकता का परिचय दिया। महावीर जयंती के इस पावन अवसर पर जैन एवं अन्य समाज के लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और साध्वी निर्मल यशा ने प्रवचन किये और भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलने को कहा।






