




भटनेर पोस्ट डेस्क
भारतीय डाक विभाग के तहत संचालित भारतीय डाक विभाग की ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए संकट के समय मजबूत सहारा है। हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा क्षेत्र से जुड़ा यह मामला सामाजिक सुरक्षा की उसी भावना को साकार करता है, जिसके लिए यह योजना शुरू की गई थी।
ग्राम चक सदासिंहवाला, पोस्ट ऑफिस लोंगवाला, तहसील पीलीबंगा निवासी स्व. हंसराज पुत्र लीलूराम ने अगस्त 2023 में ₹1,00,000 की ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। यह पॉलिसी 13 वर्ष की अवधि के लिए थी। खास बात यह रही कि पॉलिसी के अंतर्गत केवल दो प्रीमियम किस्तें ही जमा करवाई गई थीं। योजना की शर्तों के अनुसार, सीमित प्रीमियम भुगतान के बावजूद बीमाधारक को पूर्ण बीमा सुरक्षा प्राप्त थी। यही कारण है कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में भी परिवार को आर्थिक राहत मिल सकी।

पधान डाकपाल पुरुषोत्तम कुक्कड़ ने बताया कि लगभग दो वर्ष पश्चात, हृदयाघात के कारण श्री हंसराज का असामयिक निधन हो गया। परिवार के लिए यह केवल भावनात्मक क्षति नहीं थी, बल्कि आजीविका को लेकर भी चिंता का विषय बन गया। ऐसे समय में ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना की उपयोगिता सामने आई।
मृत्यु के बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ बीमा दावा प्रस्तुत किया गया, जिस पर डाक विभाग ने तय प्रक्रिया के अनुसार त्वरित कार्रवाई की। इंडिया पोस्ट सीपीसी पीएलआई शाखा, हनुमानगढ़ जंक्शन द्वारा मृत्यु दावा प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए नामांकित सदस्य श्रीमती रोशनी देवी को ₹1,12,783/- की राशि का चेक प्रदान किया गया।

यह राशि बीमा रकम के साथ नियमानुसार देय लाभों को जोड़कर दी गई। दावा निपटान की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई, जिससे परिवार को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। चेक वितरण के अवसर पर प्रधान डाकपाल पुरुषोत्तम कुक्कड़, डाक जीवन बीमा सीपीसी के सुपरवाइजर अरुण बंसल, विकास अधिकारी डाक जीवन बीमा सुशील पूनिया तथा पूर्व शाखा डाकपाल श्रवण कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना का उद्देश्य ही यह है कि सीमित आय वाले ग्रामीण परिवारों को कम प्रीमियम में भरोसेमंद सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
यह मामला स्पष्ट करता है कि ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना केवल कागजी योजना नहीं, बल्कि वास्तविक जरूरत के समय काम आने वाली व्यवस्था है। कम प्रीमियम, सरल प्रक्रिया और सरकारी भरोसे के कारण यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।





