







सतीश गर्ग
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में नगरपालिका चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब राजनीतिक मुकाबला पार्षदों से आगे बढ़कर अध्यक्ष पद के बहुमत के गणित पर टिक गया है। 35 सदस्यीय नगरपालिका में बहुमत के लिए 18 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। चुनाव परिणाम में कांग्रेस के 8, भाजपा के 2 और 25 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए हैं। ऐसे में किसी एक दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव पूरी तरह निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर दिखाई दे रहा है।
चुनाव परिणाम के बाद निर्वाचित पार्षद अलग-अलग समूहों और खेमों में बंटे नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न गुट अपने साथ अधिक से अधिक पार्षदों को जोड़ने के लिए संपर्क और बैठकों में जुटे हैं। यही वजह है कि 18 का बहुमत आंकड़ा पार करने के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक विधायक अभिमन्यु पूनियां के नेतृत्व वाले खेमे के साथ कांग्रेस के सभी 8 निर्वाचित पार्षदों के अलावा करीब 7 अन्य पार्षदों का समर्थन बताया जा रहा है। यदि यह संख्या कायम रहती है तो इस खेमे के पास करीब 15 पार्षदों का समर्थन होगा। बहुमत के लिए जरूरी 18 के आंकड़े से यह संख्या तीन कम है।
यानी पूनियां खेमे को अध्यक्ष पद के लिए बहुमत जुटाने के लिए अभी कम से कम तीन और पार्षदों की जरूरत होगी। ऐसे में शेष निर्दलीय पार्षदों का रुख इस समीकरण को सीधे प्रभावित कर सकता है।
दूसरी ओर भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप बेनीवाल और टीम रोशनी बेनीवाल के साथ भी करीब 7 पार्षदों के होने की चर्चा है। हालांकि इस समूह की वास्तविक संख्या और अंतिम समर्थन की स्थिति नाम वापसी के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
यह समीकरण बताता है कि अध्यक्ष पद की लड़ाई फिलहाल किसी एक खेमे के पक्ष में पूरी तरह तय नहीं है। 25 निर्दलीय पार्षदों का अलग-अलग समूहों में होना चुनाव को दलगत मुकाबले के बजाय संख्या और रणनीति का मुकाबला बना रहा है।
अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण तक कुल 9 अभ्यर्थियों ने 14 नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए हैं। रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी जय कौशिक के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए रोशनी बेनीवाल, दिव्या चौधरी, पारुल माहेश्वरी, तेजिंद्र कौर सलवारा, सुमन शर्मा, सुमन सोनी, निर्मला देवी, प्रिया जैन एवं इंदिरा देवी ने नामांकन दाखिल किया है।
सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं तहसीलदार मोनिका बंसल ने बताया कि नामांकन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर को सुबह 11 बजे से नगरपालिका कार्यालय में होगी। अभ्यर्थी 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापस ले सकेंगे। इसी दिन चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा।
अध्यक्ष पद के नामांकन में सबसे चर्चित घटनाक्रम इंदिरा देवी का नामांकन है। वह वार्ड संख्या 16 से चुनाव हार चुकी हैं और नगरपालिका की निर्वाचित पार्षद नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। उनके नामांकन में वार्ड संख्या 9 की निर्वाचित पार्षद कृष्णा देवी प्रस्तावक बनीं। इस घटनाक्रम ने अध्यक्ष पद के चुनाव में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है।
कांग्रेस ने वार्ड संख्या 8 की निर्वाचित पार्षद सुमन सोनी पत्नी संजीव सोनी को अध्यक्ष पद के लिए अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। सुमन सोनी के पति संजीव सोनी कांग्रेस के नगर अध्यक्ष हैं। कांग्रेस का अधिकृत सिंबल प्रोफेसर ओम जांगू, अशोक चौधरी, कुलदीप सहारण एवं नरेश बेनीवाल ने रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी जय कौशिक को सौंपा। इसके साथ कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट हो गया है।
अभी अध्यक्ष पद के लिए 9 नाम सामने हैं, लेकिन वास्तविक तस्वीर 17 सितंबर की संवीक्षा और 18 सितंबर की नाम वापसी के बाद साफ होगी। 14 नाम निर्देशन पत्र दाखिल होने के कारण नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया भी चुनावी गणित के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कुल मिलाकर संगरिया नगरपालिका में चुनाव परिणाम ने किसी एक दल को अध्यक्ष बनाने की स्थिति में नहीं पहुंचाया है। 35 सदस्यीय सदन में 18 का आंकड़ा पार करने के लिए अब निर्दलीय पार्षद ही सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किस खेमे के साथ कितने पार्षद वास्तव में खड़े होते हैं, इसका अंतिम संकेत नाम वापसी के बाद मिलेगा। फिलहाल अध्यक्ष पद का चुनाव 25 निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने की रणनीति पर टिका हुआ है।






