




भटनेर पोस्ट डेस्क
राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले सबसे अहम प्रक्रिया के तहत नगर निगमों के मेयर, नगर परिषदों के सभापति और नगर पालिकाओं के चेयरमैन पदों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को जयपुर में निकाली जाएगी। स्वायत्त शासन निदेशालय में सुबह 10.30 बजे होने वाली इस लॉटरी के बाद यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि कौन-सा निकाय किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।
राज्य सरकार ने प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को लॉटरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पत्र भेजा है। लॉटरी स्वायत्त शासन निदेशालय, जयपुर में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजर अब 13 अगस्त को होने वाली इस प्रक्रिया पर टिकी है।
प्रदेश में 41 जिलों की 309 नगरीय निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं शामिल हैं। चुनाव की औपचारिक घोषणा इसी महीने होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
निकाय चुनाव दो चरणों में करवाए जाएंगे। फलोदी और सलूंबर ऐसे जिले होंगे, जहां जिले की सभी नगरीय निकायों के चुनाव एक ही चरण में पूरे करवाए जाएंगे। वहीं, प्रदेश के शेष 39 जिलों में नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में करवाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोमवार को सचिवालय में निकाय और पंचायती राज चुनावों की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में चुनाव प्रक्रिया के निष्पक्ष और सुचारू संचालन के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों पर चर्चा की गई।
आयोग के अनुसार निकाय चुनाव के लिए करीब 18 हजार मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। पहले चरण में 140 नगर निकायों के 5,050 वार्डों में 10,185 मतदान केंद्रों पर मतदान प्रस्तावित है। दूसरे चरण में 169 नगर निकायों के 5,195 वार्डों के लिए 6,280 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। नगर निकाय सदस्यों के चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।
उधर, पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव भी चार चरणों में कराने की तैयारी है। 36 जिलों में चार चरण, चार जिलों में दो चरण और एक जिले में एक चरण में चुनाव कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है। जिला प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी भी 13 अगस्त को ही जयपुर में दोपहर 3 बजे पंचायती राज संस्थान कार्यालय में निकाली जाएगी।
इस तरह 13 अगस्त का दिन राजस्थान के आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। निकाय अध्यक्ष पदों के आरक्षण की लॉटरी के बाद चुनावी समीकरणों और संभावित दावेदारों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।








