May 19, 2026

दस्तक

गोपाल झा.वह कितना हैवान होगा, जिसने मासूम पोती जैसी बच्ची को हवस का शिकार बनाया, उसकी नन्हीं...
गोपाल झा.रात थी, लेकिन वह अंधेरा केवल आकाश में नहीं, इतिहास के पन्नों पर भी उतर आया...
गोपाल झा.कभी फुर्सत में खड़े होकर क्षितिज को निहारिए… जहाँ आकाश धरती से मिलता है, वहाँ कोई...
गोपाल झा.सड़कें किसी भी राज्य की जीवनरेखा होती हैं। वे केवल कंक्रीट और डामर का ढांचा नहीं,...
गोपाल झा.उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर चुके जगदीप धनखड़ की यात्रा केवल एक संवैधानिक...
गोपाल झा.हमारा शहर अजीब है। शांत है, संयत है, लेकिन संजीदा नहीं। यह वह शहर है, जो...