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निकाय चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ भाजपा ने जिले में अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी ने जिले की सभी आठ नगरपालिकाओं एवं नगर परिषदों में भाजपा का बोर्ड बनाने का लक्ष्य तय करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति पर मंथन किया। बैठक से यह संकेत भी साफ है कि पार्टी अब चुनावी तैयारियों को केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित रखने के बजाय संभावित प्रत्याशियों और वार्ड स्तर की गतिविधियों पर फोकस बढ़ा रही है।
भाजपा ने पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं से आवेदन भी मांगे हैं। इसके लिए 23 अगस्त तक निर्धारित फॉर्म जमा करना होगा। आवेदन निकाय चुनाव प्रभारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, जिला प्रभारी अथवा जिलाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया को चुनावी तैयारी का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए पार्टी को वार्ड स्तर पर टिकट के दावेदारों और चुनावी समीकरणों की जानकारी जुटाने का अवसर मिलेगा।

बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं बीकानेर संभाग प्रभारी मिथलेश गौतम, नगर निकाय चुनाव संभाग प्रभारी मुकेश दाधीच, जिला संगठन प्रभारी दिनेश धाभाई, सहप्रभारी जितेंद्र शर्मा व जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू सहित पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदेश महामंत्री मिथलेश गौतम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि निकाय चुनाव में जीत के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर तक सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उनके संदेश का मुख्य केंद्र संगठन की मजबूती रहा। यानी पार्टी की चुनावी रणनीति का आधार केवल प्रत्याशी चयन नहीं, बल्कि बूथ तक मजबूत संगठन खड़ा करना होगा।

नगर निकाय चुनाव संभाग प्रभारी मुकेश दाधीच ने जिले में चल रही तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों से संगठन की स्थिति, वार्ड स्तर की गतिविधियों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर चर्चा की। उन्होंने मतदाताओं से लगातार संपर्क बढ़ाने तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर जोर दिया। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा चुनाव प्रचार में संगठनात्मक संपर्क के साथ सरकार की योजनाओं को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी में है।

पूर्व सांसद एवं संभागीय चुनाव संचालन समिति के संयोजक राजेंद्र गहलोत ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में विचार परिवार का सहयोग लेकर पूर्ण आत्मविश्वास के साथ चुनाव लड़ने पर पार्टी की जीत सुनिश्चित है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि पार्टी पूरी मजबूती से निकाय चुनाव लड़ेगी और जिले की सभी आठ नगरपालिकाओं एवं नगर परिषदों में भाजपा के बोर्ड बनाए जाएंगे। उनके बयान से पार्टी की रणनीति का राजनीतिक लक्ष्य स्पष्ट हो गया हैकृसिर्फ कुछ निकायों में बेहतर प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरे जिले में सत्ता हासिल करना।
बैठक की एक अहम बात निकायवार चुनाव प्रभारियों की मौजूदगी रही। हनुमानगढ़ नगर परिषद के लिए गजेन्द्र सिंह ऑडिट, संगरिया के लिए गोपाल गहलोत, टिब्बी के लिए रामकिशन खीचड़, भादरा के लिए वेदप्रकाश खटीक, पीलीबंगा के लिए राजेश गुर्जर, रावतसर के लिए चेतन राजपुरोहित, गोलूवाला के लिए महेश पेड़ीवाल और नोहर के लिए संजय जांगिड़ को जिम्मेदारी दी गई है। इन प्रभारियों की भूमिका स्थानीय संगठन, संभावित प्रत्याशियों, वार्ड स्तर की गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण रहेगी।
बैठक में लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहीं प्रियंका बैलान, पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई, देवेंद्र पारीक और मीडिया प्रभारी कृष्ण तायल सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। जानकारों के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी निकाय चुनाव को संगठन के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा के तौर पर देख रही है। खासकर स्थानीय निकाय चुनाव में वार्ड स्तर के समीकरण, व्यक्तिगत जनाधार और स्थानीय मुद्दे अक्सर राजनीतिक दलों की व्यापक रणनीति से अलग प्रभाव डालते हैं। ऐसे में भाजपा के सामने अपने संगठनात्मक ढांचे को स्थानीय समीकरणों के साथ जोड़ने की चुनौती भी रहेगी।
पार्टी की ओर से 23 अगस्त तक आवेदन मांगे जाने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण संभावित प्रत्याशियों की छंटनी और वार्डवार राजनीतिक स्थिति का आकलन होगा। हालांकि बैठक में टिकट वितरण को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया, लेकिन आवेदन प्रक्रिया शुरू होना बताता है कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया को अगले चरण में ले जा रही है।
कुल मिलाकर भाजपा ने निकाय चुनाव से पहले अपना राजनीतिक रोडमैप स्पष्ट कर दिया है। आठों निकायों में बोर्ड बनाने का लक्ष्य, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना, वार्डवार जिम्मेदारियां तय करना और सिंबल के दावेदारों से आवेदन लेनाकृइन चार बिंदुओं के जरिए पार्टी ने चुनावी अभियान की जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है। अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि संगठन की यह सक्रियता टिकट वितरण, स्थानीय गुटबाजी और वार्ड स्तर के समीकरणों के बीच कितनी प्रभावी साबित होती है।






