




भटनेर पोस्ट डेस्क
राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत एवं निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है। चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा से पहले ही पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में 27 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में ‘पंचायत एवं निकाय चुनाव प्रबंधन कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से करीब 500 संभावित जनप्रतिनिधि और चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ता भाग लेंगे।
कांग्रेस का मानना है कि स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव केवल राजनीतिक माहौल के भरोसे नहीं जीते जा सकते, बल्कि इसके लिए मजबूत बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और चुनावी रणनीति की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि पार्टी इस बार चुनावी अभियान शुरू होने से पहले ही अपने कैडर को आधुनिक चुनाव प्रबंधन की बारीकियां सिखाने पर जोर दे रही है।
राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीबी यादव ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रक्रिया के हर महत्वपूर्ण पहलू से परिचित कराना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को माइक्रो लेवल चुनाव प्रबंधन, मतदाता सूची की स्क्रीनिंग, बूथ मैनेजमेंट, घर-घर जनसंपर्क, चुनावी संचार, अभियान संचालन और मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाने की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर चुनावी चुनौतियों से निपटने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यशाला की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कार्यकर्ता केवल स्वयं तक सीमित नहीं रहेंगे। पार्टी ने उन्हें श्ट्रेन द ट्रेनरश् मॉडल के तहत आगे प्रशिक्षक की भूमिका भी सौंपी है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यही कार्यकर्ता अपने-अपने जिलों, ब्लॉकों, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में इसी प्रारूप पर कार्यशालाएं आयोजित करेंगे, जिससे चुनावी तैयारी पूरे प्रदेश में एक समान रणनीति के साथ आगे बढ़ सके।
कार्यशाला का मार्गदर्शन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी तथा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुनाल बनर्जी करेंगे। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और स्थानीय मुद्दों पर आधारित प्रचार अभियान को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत और निकाय चुनाव विधानसभा चुनावों की तुलना में पूरी तरह संगठन आधारित होते हैं। ऐसे में बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता और प्रभावी चुनाव प्रबंधन किसी भी दल के प्रदर्शन को सीधे प्रभावित करते हैं। कांग्रेस इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए समय से पहले संगठनात्मक तैयारी, कैडर प्रशिक्षण और चुनावी प्रबंधन को प्राथमिकता दे रही है।
स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस का यह कदम साफ संकेत देता है कि पार्टी केवल उम्मीदवारों के चयन तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बूथ स्तर तक प्रशिक्षित और सक्रिय संगठन खड़ा कर चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में इस प्रशिक्षण मॉडल का विस्तार पूरे प्रदेश में किए जाने की तैयारी है, जिससे चुनावी मुकाबले में पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत बना सके।









