




भटनेर पोस्ट ब्यूरो
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्राओं, छात्रों और पीएम आवास के सामने धरना दे रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित भगत सिंह चौक पर मुखर विरोध-प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि इस प्रदर्शन से जिले के अधिकांश वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की दूरी शहरभर में चर्चा का विषय बनी रही।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और छात्र-युवा विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं और विपक्ष के नेताओं के साथ बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

मनीष मक्कासर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्राओं, छात्रों और राहुल गांधी के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई निंदनीय है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक प्रकरण ने लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित किया है तथा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग दोहराई। मक्कासर ने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र दादरी ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और राहुल गांधी को भी चोटें आईं। उन्होंने कहा कि सरकार को विरोध की आवाज दबाने के बजाय छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए तथा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना चाहिए।
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से छात्र हितों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई गई।
प्रदर्शन में गुरदीप चहल, मोहनलाल इंदलिया, कालूराम गोदारा, जयराम दुकिया, विजय टाक, मनोज बड़सीवाल, हरीराम सैनी, राकेश चिलाना, रामचंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं, स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा रही कि राहुल गांधी के समर्थन में आयोजित इस प्रदर्शन से पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने दूरी बनाए रखी।









