




भटनेर पोस्ट डेस्क
आज के समय में जब चिकित्सा क्षेत्र पर व्यवसायीकरण के आरोप आम हैं, ऐसे दौर में कुछ लोग अब भी अपने कर्म से समाज को यह याद दिलाते हैं कि डॉक्टर का असली धर्म सेवा है, सौदा नहीं। राष्ट्रीय युवक परिषद हनुमानगढ़ की ओर से आयोजित सेवा एवं सम्मान कार्यक्रम इसी भाव का जीवंत उदाहरण बना, जहां गौसेवा की पावन धरती पर मानव सेवा के मसीहा कहे जाने वाले वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीके चावला का भव्य अभिनंदन किया गया। यह कार्यक्रम न सिर्फ सम्मान का अवसर था, बल्कि समाज के लिए एक स्पष्ट संदेश भी, सेवा ही सबसे बड़ा सम्मान है।
कार्यक्रम की शुरुआत परिषद सदस्यों द्वारा गौमाता को 120 किलो हरा चारा खिलाकर गौसेवा से की गई। इसके बाद चिकित्सा क्षेत्र में दशकों से निस्वार्थ सेवा देने वाले वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीके चावला का शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान व अभिनंदन किया गया।

मुख्य अतिथि पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक आनंद मोहन रहे। विशिष्ट अतिथियों में आयुर्वेद विभाग के संयुक्त निदेशक तीर्थराज शर्मा, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक मदन मोहन शर्मा, पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व प्रबंधक राजपाल नोखवाल, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुमन चावला तथा भंवर सिंह जोड़किया शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के जिलाध्यक्ष प्रवीण जैन ने की।

वक्ताओं ने डॉ. बीके चावला को मानवता का मसीहा बताते हुए कहा कि उन्होंने अब तक 6000 से अधिक सफल सर्जरी कर हजारों परिवारों को राहत दी है। वक्ताओं का कहना था कि डॉ. चावला ने अपने पूरे चिकित्सकीय जीवन में कभी धन को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि पीड़ित मानव की पीड़ा को ही अपना मार्गदर्शक बनाया। यही कारण है कि वे आज आमजन में एक चिकित्सक नहीं, बल्कि भरोसे और करुणा का नाम बन चुके हैं।

मुख्य अतिथि आनंद मोहन ने कहा कि समाज को आज ऐसे ही डॉक्टरों की आवश्यकता है, जो सेवा को व्यवसाय नहीं, बल्कि कर्तव्य मानें। उन्होंने कहा कि डॉ. चावला जैसे चिकित्सक आने वाली पीढ़ी के लिए आदर्श हैं। आयुर्वेद विभाग के संयुक्त निदेशक तीर्थराज शर्मा ने कहा कि चिकित्सा का उद्देश्य केवल रोग का इलाज नहीं, बल्कि रोगी के मन को भी संबल देना होता है, और डॉ. चावला इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं।
अतिथियों ने गौसेवा को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि गौमाता की सेवा से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने राष्ट्रीय युवक परिषद द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा कार्यों की सराहना की और युवाओं से ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। वक्ताओं का कहना था कि जब युवा सेवा के रास्ते पर चलते हैं, तभी समाज की जड़ें मजबूत होती हैं।

सम्मान से अभिभूत डॉ. बीके चावला ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया, वह समाज से मिली प्रेरणा और विश्वास का परिणाम है। एक डॉक्टर का सबसे बड़ा पुरस्कार मरीज की मुस्कान होती है, और जब समाज अपने स्नेह से सम्मानित करता है, तो यह जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान संगीतकार छोटेलाल सारवान, शंकर सैनी एवं किशोरी द्वारा गौमाता पर आधारित भजनों और गीतों की सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धा, सेवा और सम्मान, तीनों भाव एक साथ मंच पर दिखाई दिए।
अंत में परिषद के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे सेवा एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अवतार सिंह सिद्धू, महेंद्र सिंह, गुरवीर सिंह, रामलाल कांवलिया, पवन सोनी, कुरड़ाराम, साहिल, रामकरण वर्मा, सुभाष शर्मा, अनिल पोटलिया, रामचंद्र, रमेश पंचारिया, महेंद्र स्वामी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं परिषद सदस्य उपस्थित रहे।





