



भटनेर पोस्ट डेस्क
एरी अकादमी के छात्र भरत लठवाल ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट परीक्षा (गेट) 2026 में आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग विषय में ऑल इंडिया रैंक प्रथम (AIR 1) प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ-साथ अकादमी के छह विद्यार्थियों ने एआईआर 100 के भीतर स्थान प्राप्त किया है तथा कुल 33 प्रतिशत विद्यार्थी गेट 2026 में उत्तीर्ण हुए हैं। इस सफलता से संस्था में खुशी और गर्व का माहौल है।
अकादमी संस्थापक पारुल शर्मा ने बताया कि एरी अकादमी आर्किटेक्चर क्षेत्र में प्रवेश हेतु नाटा एवं जेईई परीक्षा, उच्च अध्ययन हेतु गेट परीक्षा तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं की तैयारी कराती है। इसके साथ-साथ आर्किटेक्चर संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को इंटर्नशिप सुविधा के साथ रोजगार से जुड़ने का मार्ग भी प्रदान करती है। अकादमी गत तीन वर्षों से कार्यरत है और पिछले तीन वर्षों का परिणाम अत्यंत उत्साहवर्धक रहा है।

पारुल शर्मा ने बताया कि भरत लठवाल की सफलता के पीछे उनका कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ-साथ अकादमी के सभी शिक्षकों एवं बैक-एंड स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस उपलब्धि से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने भरत को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्था के लिए गर्व का क्षण है और छात्रों को मिल रहे सही मार्गदर्शन का परिणाम है। इससे संस्था को और अधिक प्रयास कर बेहतर परिणाम देने का उत्साह और मनोबल प्राप्त होगा। संस्था भविष्य में भी आर्किटेक्चर से जुड़े विद्यार्थियों के हित में निरंतर कार्य करती रहेगी।
ज्ञातव्य है कि पारुल शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हनुमानगढ़ एवं बीकानेर से प्राप्त करने के पश्चात एमबीएम कॉलेज जोधपुर से बी.आर्क किया। तत्पश्चात गेट परीक्षा में AIR 28 प्राप्त कर आईआईटी खड़गपुर से इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन एवं मैनेजमेंट में एम.टेक तथा बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2023 में स्टार्टअप के रूप में अपनी अकादमी एवं आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। यह छोटे शहरों से निकली एक महिला शिक्षाविद की ऊँची उड़ान है।
पारुल शर्मा, शिक्षाविद्, कॉलेज शिक्षा में रहे पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षक नेता डॉ. विजय कुमार एरी की पुत्री हैं। उन्होंने आर्किटेक्चर के विद्यार्थियों को शिक्षा से रोजगार तक जोड़ने के उद्देश्य से यह स्टार्टअप प्रारंभ किया है, जो भविष्य में अनेक आर्किटेक्चर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।







