



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात को लेकर देश में पिछले कुछ दिनों से आशंकाओं का माहौल बना हुआ है। खासतौर पर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि हालात बिगड़ने पर भारत में फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है। लेकिन केंद्र सरकार ने इन तमाम अटकलों पर साफ शब्दों में विराम लगा दिया। सरकार ने कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और ऐसी बातें पूरी तरह अफवाह हैं।
केंद्र सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने अलग-अलग बयानों के जरिए स्थिति स्पष्ट की और आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। सरकार का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और शीर्ष स्तर पर निगरानी की जा रही है।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने साफ कहा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर ये अफवाहें कौन और क्यों फैला रहा है। रिजिजू के अनुसार प्रधानमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने जमाखोरी को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है और राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की होर्डिंग या कालाबाजारी न होने दी जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए केंद्र से लेकर निचले स्तर तक पूरा प्रशासन सतर्क है।
सरकार ने यह भी साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पश्चिम एशिया संकट के संभावित असर को लेकर प्रधानमंत्री आज सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत करने वाले हैं। सरकार का मानना है कि संवाद और समन्वय के जरिए किसी भी चुनौती से निपटा जा सकता है, जैसा कि कोविड काल में देश ने एकजुट होकर किया था।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी लॉकडाउन और ईंधन संकट की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि डर का माहौल बनाने की कोई जरूरत नहीं है और सरकार के स्तर पर लॉकडाउन को लेकर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। पुरी ने कहा कि मौजूदा हालात में जिम्मेदार व्यवहार सबसे जरूरी है। अफवाह फैलाना न सिर्फ गलत है, बल्कि गैर-जिम्मेदाराना भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फ्यूल सप्लाई को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार है और किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अफवाहों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं द्वारा यह कहना कि देश में लॉकडाउन लगेगा या ईंधन की भारी कमी हो जाएगी, बेहद चिंता की बात है। यह बातें पूरी तरह निराधार हैं। सीतारमण ने साफ कहा कि कोविड काल जैसा लॉकडाउन दोबारा नहीं होगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और जरूरी सेवाएं पूरी तरह सामान्य रहेंगी।
गौरतलब है कि लॉकडाउन को लेकर चर्चाएं प्रधानमंत्री के संसद में दिए गए एक बयान के बाद शुरू हुई थीं। पीएम ने कहा था कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कठिन हालात बने हैं और उनका असर लंबे समय तक रह सकता है। इसी बयान को तोड़-मरोड़ कर कुछ लोगों ने लॉकडाउन की आशंका जतानी शुरू कर दी। सरकार ने अब साफ कर दिया है कि बयान का अर्थ सावधानी और तैयारी से था, न कि पैनिक फैलाने से।
कुल मिलाकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में न तो लॉकडाउन लगेगा और न ही जरूरी वस्तुओं की कोई कमी होगी। सरकार का संदेश सीधा हैकृघबराइए मत, अफवाहों पर ध्यान मत दीजिए और सामान्य जीवन जीते रहिए। पुराने अनुभव यही सिखाते हैं कि संकट के समय संयम और भरोसा ही सबसे बड़ा हथियार होता है।








