



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
श्रीगंगानगर स्थित जेआर टांटिया चैरिटेबल नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के तत्वावधान में ‘मैं जी उठा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पुलिस उप अधीक्षक (ग्रामीण) भूपेंद्र सोनी थे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के दो तरह के मन होते हैं, चेतन मन और अवचेतन मन। जब व्यक्ति अवचेतन मन में किसी संकल्प को धारण करता है तो वह उसे आसानी से पूरा कर पाता है। नशा त्यागने का संकल्प अगर अवचेतन मन में स्वीकार कर लिया तो नशा आसानी से छोड़ा जा सकता है। उन्होंने नशे के नुकसान गिनाते हुए कहा कि नशा सामाजिक प्रतिष्ठा का नाश कर देता है। व्यक्ति के घर-परिवार को उजाड़ देता है। नशे का त्याग करके ही व्यक्ति बेहतरीन जीवन जी सकता है। इससे पूर्व दो युवाओं ने अपनी सक्सेस स्टोरी के माध्यम से बताया कि कैसे उन्होंने अपने आत्मबल के दम पर नशे को त्यागा और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर नितेश वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय के संस्कृत के प्रोफेसर डॉ. श्यामलाल ने नशे से दूर रहकर अच्छा जीवन व्यतीत करने का आह्वान किया। उन्होंने उन युवाओं का उल्लेख किया जो नशा छोड़कर सामान्य जीवन की राह पर निकले।

भाजपा के जिला महामंत्री क्रांति चुघ ने कहा कि नशा करने वाले युवा आसानी से नशा छोड़ सकते हैं। इसमें केंद्र या राज्य सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के सहयोग आवश्यकता होने पर वे इसके लिए प्रयास करने को तैयार हैं।

वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम झा ने कहा कि जिंदगी में गलत और सही दो ही रास्ते हैं। यह हम पर निर्भर करता है कि हम सही को अपनाएं या गलत को। सही रास्ता हमें सही दिशा की ओर ले जाएगा जबकि एक गलत मोड़ हमें भटकाव पर लाकर छोड़ देगा। नशा छोड़ने के लिए सही रास्ता अपनाने की जरूरत है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर नितेश वर्मा ने अतिथियों का आभार जताया। इससे पहले सरिता शर्मा ने केंद्र की गतिविधियों की जानकारी दी।

मंच संचालन जयनारायण पुरोहित ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार गोपाल झा, संतोष त्रिपाठी, सतीश वधवा, डी-एडिक्शन सेंटर के डॉ.हेमंत सहारण, काउंसलर विकास रांगेरा, राजकीय कन्या महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर जसवीरसिंह सहित कई लोग मौजूद थे।



