January 25, 2026

ज से जिंदगी

गोपाल झावक्त को हमने बड़े इत्मीनान से तीन हिस्सों में बाँट रखा है। अतीत, वर्तमान और भविष्य।...
गोपाल झा.जन्म और मृत्यु के बीच फैला यह छोटा-सा अंतराल ही हमारा जीवन है। यह वही जगह...
गोपाल झा.दीपोत्सव। अपने भीतर एक अनुपम आभा समेटे है। यह केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि...
गोपाल झा.सत्य, अहिंसा और आत्मनियंत्रण। ये तीन शब्द भर नहीं हैं। मनुष्य को मनुष्य लायक बनाने के...