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सुबह की पहली किरण के साथ ही हनुमानगढ़ के पोलिंग बूथों के बाहर एक अलग ही सियासी तपिश और हलचल महसूस हो रही थी। केंद्र के बाहर सड़क किनारे प्लास्टिक की कुर्सियों पर बैठे विभिन्न प्रत्याशियों के बस्ते सजे थे, जहां कार्यकर्ता पर्चियां बांटने और मतदाताओं की मान-मनौव्वल में पूरी ताकत झोंके हुए थे। दूर तक फैली मतदाताओं की लंबी कतारों में एक तरफ लोकतंत्र का उत्सव था, तो दूसरी तरफ संवेदनशील इलाकों में समर्थकों की तीखी निगाहें एक-दूसरे की हर हरकत को भांप रही थीं; कार्यकर्ताओं के बीच फुसफुसाहट और जीत-हार के दावों के बीच का तनाव हवा में साफ तैर रहा था। बाहर पुलिस की गश्ती गाड़ियों के सायरन और कतारबद्ध रहने की चेतावनियां माहौल को लगातार सतर्क बनाए हुए थीं।
लोहे के भारी मुख्य द्वार को पार कर भीतर कदम रखते ही माहौल एकदम बदल जाता था। यहां कड़ा पुलिस पहरा था और बाहर की गहमागहमी एक अनुशासित खामोशी में तब्दील हो जाती थी। मतदान कक्ष के भीतर उंगलियों पर नीली स्याही लगाने वाले मतदान कर्मियों की एकाग्रता, मतदाताओं के पहचान पत्र की तस्दीक करती सख्त आवाजें और कुछ-कुछ पलों के अंतराल पर गूंजने वाली ईवीएम की तीखी ‘बीप’ पूरे परिदृश्य को जीवंत कर रही थी। वोट डालकर बाहर निकलती महिलाओं और बुजुर्गों के चेहरों पर जहां अपने कर्तव्य को निभाने का संतोष था, वहीं कोने में खड़े पोलिंग एजेंटों की निगाहें हर अंदर आने वाले वोटर पर टिकी थीं कि वह किस तरफ झुक रहा है। एक तरफ सुरेशिया जैसी अप्रिय झड़पों का तनाव और दूसरी तरफ निष्पक्ष व्यवस्था के बीच ईवीएम की सीलिंग तक भीतर-बाहर का यह दृश्य लोकतंत्र की सबसे जीवंत और वास्तविक तस्वीर पेश कर रहा था।
हनुमानगढ़ नगर निकाय आम चुनाव के तहत हनुमानगढ़ जिले में लोकतंत्र का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। जिले के तीनों निकायों में मतदाताओं ने विकास और स्थानीय मुद्दों को लेकर बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार की शक्ति दिखाई। शाम 6 बजे तक जिले में कुल 81.38 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। मतदान समाप्ति के साथ ही चुनावी मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों का सियासी भाग्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद हो गया। पूरे चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित रही। जिले के तीनों नगर निकायों में सुबह मतदान शुरू होते ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सबसे ज्यादा चुनावी रोमांच गोलूवाला में देखने को मिला, जहाँ मतदाताओं ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
नगरपालिका गोलूवाला में लोकतंत्र के प्रति अद्भुत निष्ठा नजर आई। कुल 13,200 मतदाताओं में से 11,884 मतदाताओं ने पोलिंग बूथ पहुँचकर वोट डाला और कुल 90.03 फीसद का अप्रत्याशित मतदान दर्ज कराया। नगरपालिका पीलीबंगा में भी मतदाताओं ने जबरदस्त भागीदारी निभाई। यहाँ कुल 30,811 मतदाताओं में से 25,861 लोगों ने वोट डाले, जिससे मतदान का प्रतिशत 83.93 फीसद तक पहुँचा।
नगर परिषद हनुमानगढ़ में भी सुबह से ही जबरदस्त गहमागहमी रही। यहाँ कुल 1,34,264 मतदाताओं में से 1,07,342 नागरिकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया और कुल मतदान प्रतिशत 79.95 फीसद रहा। जिले के समग्र आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 1,78,275 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,45,087 मतदाताओं ने अपने नागरिक दायित्व का निर्वहन कर लोकतंत्र को सशक्त बनाया।
मतदान को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों के संवेदनशील व सामान्य मतदान केंद्रों पर कड़ा सुरक्षा पहरा बैठाया गया था। बूथों पर मतदाताओं की कतारों में युवा, बुजुर्ग और महिलाएं अपनी बारी का धैर्यपूर्वक इंतजार करते दिखे। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. खुशाल यादव व एसपी बी आदित्य लगातार मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण करते रहे, जिसके चलते कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या व्यवधान की सूचना नहीं मिली।
शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान संपन्न होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. खुशाल यादव ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिले के जागरूक नागरिकों, निर्वाचन कार्य में जुटे अधिकारियों-कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की सराहना की। डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों व प्रत्याशियों ने जिस तरह आपसी सौहार्द्र के साथ चुनाव लड़ा और क्षेत्र में भाईचारे की भावना को मजबूत बनाए रखा, वह सचमुच काबिलेतारीफ और प्रेरक है।
मतदान पूरा होते ही पोलिंग पार्टियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम मशीनों को सील कर स्ट्रांग रूम में सुरक्षित जमा करवा दिया है। भारी मतदान के बाद अब विभिन्न दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के चुनावी कार्यालयों में जीत-हार के गुणा-भाग का दौर शुरू हो चुका है। पूरा चुनावी परिदृश्य अब मतगणना के दिन आने वाले नतीजों पर टिक गया है।
सबसे हॉट सीट माने जा रहे वार्ड 17 में मतदान संपन्न होते ही सियासी पारा गरमा गया। इस वार्ड से विधायक की पत्नी संतोष बंसल और बीजेप) के प्रत्याशी हिमांशु महर्षि के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला है। वार्ड के कुल 2,100 मतदाताओं में से 1,685 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। करीब 80 प्रतिशत हुए बंपर मतदान को देखकर बंसल गुट में भारी उत्साह देखने को मिला। मतदान खत्म होते ही विधायक समर्थकों ने जीत का दावा करते हुए पोलिंग बूथ के बाहर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इस शक्ति प्रदर्शन पर बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिमोहन महर्षि ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘अभी नारेबाजी करने से क्या फायदा, असली स्थिति तो 14 सितंबर को मतगणना के दिन परिणाम आने पर ही साफ होगी।’ इस टिप्पणी से विधायक गुट भड़क उठा और देखते ही देखते दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। मौके पर तीखी बहस और हंगामे के चलते तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, मौके पर तैनात मुस्तैद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
वार्ड 15 में क्षेत्रीय दंडाधिकारी (जोनल मजिस्ट्रेट) दीपक भारोटिया पर पत्रकारों से अभद्रता करने का आरोप लगा। सवाल पूछे जाने पर वे उल्टे पांव भागते दिखे। इस पर अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी उम्मेदीलाल मीणा ने घटना को अनुचित बताते हुए अधिकारियों को मीडिया व जनता से संयमित व्यवहार की हिदायत दी।
तकनीकी कारणों से हनुमानगढ़ में 3 मतपत्र इकाइयां और 2 नियंत्रण इकाइयां बदली गईं। पीलीबंगा व गोलूवाला में भी 1-1 यूनिट बदली गई। वार्ड 47 व 48 में कांग्रेस प्रत्याशी के बटन में तकनीकी बाधा आने से मतदान 20 मिनट देरी से शुरू हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. खुशाल यादव की तत्परता से मशीनें बदलकर प्रक्रिया सुचारू की गई।
हनुमानगढ़, पीलीबंगा और गोलूवाला में 35 संवेदनशील केंद्र चिन्हित कर अतिरिक्त जाब्ता लगाया गया है। 193 केंद्रों की सुरक्षा हेतु 386 पुलिस व गृह रक्षा जवान तैनात हैं। साथ ही 25 सचल दल और 15 पुलिस पर्यवेक्षक व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
सुरेशिया इलाके में मतदान के दौरान उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब बूथ संख्या 129 और 130 पर दो प्रत्याशी आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते तीखी झड़प में बदल गया। आरोप है कि एक प्रत्याशी ने दूसरे को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और एक व्यक्ति पर ईंट से हमला किए जाने की सूचना मिली। झड़प के बाद मतदान केंद्र पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों ने तुरंत बूथ के मुख्य दरवाजे बंद कर दिए, जिससे मतदान प्रक्रिया कुछ समय के लिए प्रभावित रही। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी मीनाक्षी और सीआई रामचंद्र कस्वां भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए उपद्रवी भीड़ को खदेड़कर हालात पर काबू पाया। बवाल के बाद भाजपा नेता अमित चौधरी भी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से जानकारी ली।








