




भटनेर पोस्ट ब्यूरो
हनुमानगढ़ नगर निकाय चुनाव की तैयारियां तेज होने के साथ ही हनुमानगढ़ शहर के सभी 60 वार्डों में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। संभावित प्रत्याशियों ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है और राजनीतिक दलों में टिकट के लिए दावेदारों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में शहर के वीआईपी माने जाने वाले वार्ड नंबर-1 (सिविल लाइन्स) से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी मोहनलाल इंदलिया ने कांग्रेस टिकट के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।
शहर का वार्ड नंबर-1 प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वार्ड में जिला कलेक्टर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, विधायक, जिला प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि निवास करते हैं। एमएलए गणेशराज बंसल इसी वार्ड से पार्षद बनते रहे हैं। यही वजह है कि इस वार्ड का चुनाव हर बार पूरे शहर में चर्चा का विषय रहता है।

मोहनलाल इंदलिया लंबे समय तक सिविल लाइन्स वेलफेयर सोसायटी के निर्विरोध अध्यक्ष रहे हैं। उनका कहना है कि अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने वार्ड की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष किया। उन्होंने स्थानीय निकाय और संबंधित सरकारी विभागों को कई बार ज्ञापन सौंपे, अधिकारियों से व्यक्तिगत मुलाकात की और मीडिया के माध्यम से भी नागरिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके।
इंदलिया का कहना है कि वार्ड में वर्षों से सीवरेज व्यवस्था की खामियां, पार्कों का विकास और रखरखाव, रीको क्षेत्र से आने वाला केमिकलयुक्त गंदा पानी, आवारा पशुओं और कुत्तों से होने वाली दुर्घटनाएं, ब्लॉकवार मकान नंबरों के बोर्ड, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, सफाई व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। इन मुद्दों के समाधान के लिए उन्होंने कई बार प्रयास किए, लेकिन अधिकारों के अभाव में स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
मोहनलाल इंदलिया ने कहा, ‘वार्ड नंबर-1 के नागरिकों ने मुझे निर्विरोध सोसायटी अध्यक्ष बनाकर सेवा का अवसर दिया। मैंने पूरी निष्ठा से उनकी आवाज प्रशासन और स्थानीय निकाय तक पहुंचाई। लेकिन मुझे महसूस हुआ कि केवल ज्ञापन देने और आग्रह करने से समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। यदि मैं पार्षद होता तो इन समस्याओं के समाधान के लिए अधिक प्रभावी तरीके से कार्य कर सकता था।’
उन्होंने बताया कि वार्ड के जागरूक और गणमान्य नागरिकों ने भी उनसे स्थानीय निकाय में सक्रिय भूमिका निभाने और चुनाव लड़ने का आग्रह किया। इसी जनभावना का सम्मान करते हुए उन्होंने वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
इंदलिया ने कहा कि यदि कांग्रेस उन्हें उम्मीदवार बनाती है और जनता का आशीर्वाद मिलता है तो उनकी पहली प्राथमिकता वार्ड की मूलभूत सुविधाओं का विकास, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, आधुनिक नागरिक सुविधाएं तथा प्रत्येक समस्या का समयबद्ध और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के विश्वास पर खरा उतरना भी है।
समर्थकों के मुताबिक, मोहनलाल इंदलिया का प्रशासनिक और सामाजिक अनुभव भी उनकी दावेदारी को मजबूत बनाता है। वे उच्च शिक्षित हैं तथा लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक में चीफ मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बैंकिंग सेवा के दौरान उन्होंने प्रशासनिक प्रबंधन और जनसंपर्क का व्यापक अनुभव प्राप्त किया। इसके अलावा वे विभिन्न सामाजिक एवं जनहित संगठनों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
वर्तमान में वे जिला कांग्रेस कमेटी में प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और सामाजिक कार्यों में लंबे अनुभव को देखते हुए उनकी दावेदारी को गंभीर माना जा रहा है।
जाहिर है, नगर निकाय चुनाव की घोषणा से पहले ही वार्ड नंबर-1 में चुनावी माहौल गर्म होने लगा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस इस प्रतिष्ठित वार्ड से किस उम्मीदवार पर भरोसा जताती है। फिलहाल मोहनलाल इंदलिया ने जनसंपर्क तेज कर दिया है और वार्ड के विकास, पारदर्शी कार्यशैली तथा जनसमस्याओं के स्थायी समाधान को अपने चुनावी अभियान का प्रमुख आधार बनाया है।








