



भटनेर पोस्ट डेस्क
भीषण गर्मी से बेहाल दोपहर में जब लू के थपेड़े राहगीरों को थका रहे थे, तब भारत विकास परिषद हनुमानगढ़ संगम शाखा की पहल ने माहौल को मानो ठंडक में बदल दिया। भगत सिंह चौक के समीप स्थित सिंदूरी हनुमान मंदिर के पास शीतल जल सेवा के शुभारंभ के साथ राहगीरों के हाथों में ठंडा, स्वच्छ पानी पहुँचा और आँखों में सुकून उतर आया। मंच से पहले सेवा दिखी, अतिथियों ने स्वयं परिण्डे बाँधे, ताकि परिंदों को भी तपन में प्यास न सताए। भारत माता और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलन, फिर फीता काटकर जल सेवा का उद्घाटन, हर क्षण मानवीय संवेदना का जीवंत चित्र था, जहाँ सेवा शब्द नहीं, कर्म बनकर बह रही थी।
भगत सिंह चौक के समीप सिंदूरी हनुमान मंदिर के पास शुरू की गई इस सेवा के तहत राहगीरों को ठंडा एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष बात यह रही कि इस अवसर पर पक्षियों के लिए परिण्डे भी बांधे गए, जिससे गर्मी में उन्हें भी पानी मिल सके।

एडीएम उम्मेदी लाल मीणा एवं एसडीएम मांगी लाल सुथार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर जल सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही अतिथियों द्वारा स्वयं परिण्डे बांधकर पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया गया। एडीएम उम्मेदीलाल मीणा ने भारत विकास परिषद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहाकि अन्य संस्थाओं को भी इस तरह की पहल करनी चाहिए। यही भारत की संस्कृति है, जहां हर जीव और जंतुओं के प्रति दया का भाव रखा जाता है।
सचिव प्रदीप मित्तल ने बताया कि परिषद द्वारा यह शीतल जल सेवा पूरे गर्मी के मौसम में निरंतर जारी रहेगी, जिससे राहगीरों, मजदूरों और आम नागरिकों को तपती धूप में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि संस्था समाजसेवा के कार्यों में सदैव अग्रणी रही है।

प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी अरुण अग्रवाल ने कहा कि भीषण गर्मी में केवल मनुष्यों ही नहीं, बल्कि पक्षियों के लिए भी जल की व्यवस्था करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि परिण्डे बांधने जैसी छोटी-छोटी पहलें प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाती हैं और हर व्यक्ति को इस दिशा में आगे आना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने घरों और आस-पास भी पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था अवश्य करें।
वहीं कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि सेवा ही संगठन की पहचान है और भारत विकास परिषद निरंतर जनहित के कार्यों में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि शीतल जल सेवा और परिण्डे लगाने जैसे कार्य समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं तथा लोगों को एक-दूसरे की सहायता के लिए प्रेरित करते हैं।

अध्यक्ष महेश जसूजा ने परिषद के विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी देते हुए कहा कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में जल सेवा और पक्षियों के लिए परिण्डे लगाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर अध्यक्ष महेश जसूजा, सचिव प्रदीप मित्तल, कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता, प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी अरुण अग्रवाल, संरक्षक सुरेंद्र गाड़ी, अंजू बंसल, गुरुजी सुरेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरीश जैन, उपाध्यक्ष महेंद्र अरोड़ा, अंकुर मुंजाल, सह कोषाध्यक्ष विजय मित्तल, सह सचिव योगेश बलाडिया, संगठन मंत्री राज तिवाड़ी, प्रकल्प प्रमुख कालूराम शर्मा, मनमोहन गर्ग, प्रचार मंत्री विनोद शेखावत, डॉ. आदित्य चावला, विकास गुप्ता, प्रवीण गोयल, मनोज गोयल, सत्यदेव आर्य, महावीर बंसल, अंकित अरोड़ा एवं सुश्री माया कांडीवाल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।





