



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
आगामी पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस अब पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रही है। संगठन को नीचे तक मजबूत करने और लंबे समय से सुस्त पड़े कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने के उद्देश्य से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में ‘संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 3 अप्रैल को हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र के देहात एवं शहर ब्लॉक की महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक हुई, जिसे चुनावी तैयारियों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व यह मानकर चल रहा है कि बीते कुछ वर्षों में संगठन की जमीनी सक्रियता कमजोर पड़ी है, जिसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ा। गांव-ढाणी और वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया। अब उसी कमी को दूर करने के लिए संगठन को फिर से खड़ा करने की रणनीति पर काम तेज किया गया है। ‘संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ’ अभियान का मूल मकसद यही है कि हर कार्यकर्ता जिम्मेदारी समझे, मैदान में उतरे और चुनाव से पहले संगठन को धारदार बनाए। संदेश साफ है, अब सिर्फ नाम के कार्यकर्ता नहीं, काम करने वाले सिपाही चाहिए।

यह बैठक हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित पूर्व विधायक चौधरी विनोद कुमार के निवास पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पीसीसी सदस्य भूपेन्द्र चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में निवर्तमान जिला प्रमुख कविता मेघवाल, पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़, पूर्व प्रधान जयदेव भीड़ासरा, प्रधान प्रतिनिधि कृष्ण जैन, संगठन महामंत्री गुरमीत चंदड़ा और शहर ब्लॉक अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ‘बेबी’ मौजूद रहे। बड़ी संख्या में मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस इस बार संगठन को लेकर हल्के मूड में नहीं है।

कांग्रेस नेता भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि 7 अप्रैल तक प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगर परिषद के हर वार्ड में 21 सदस्यीय कमेटियों का गठन हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही चुनावी जीत की बुनियाद रखता है, बिना संगठन के जीत की उम्मीद करना सिर्फ भ्रम है।

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की आवाज बनकर सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगा। जनता के मुद्दों को उठाने के लिए घर-घर संपर्क, संवाद और निरंतर सक्रियता जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आने वाला समय कांग्रेस का है, बशर्ते कार्यकर्ता ईमानदारी से काम करें।

पीसीसी सदस्य भूपेन्द्र चौधरी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो कांग्रेस के खिलाफ है, वह खिलाफ ही रहेगा, और जो कांग्रेस के साथ है, उनके साथ मिलकर चुनावी रूपरेखा बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि वार्ड और पंचायत स्तर पर जनता की इच्छा के अनुसार कांग्रेस का सिंबल दिया जाएगा। पार्टी पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों में ईमानदार और निष्ठावान उम्मीदवार उतारेगी, ताकि वे जीतकर क्षेत्र के विकास को गति दे सकें।

बैठक के दौरान भूपेन्द्र चौधरी ने राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत राज और नगर निकाय चुनाव समय पर नहीं कराकर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। चुनावों में देरी को उन्होंने जनता के अधिकारों का हनन बताया और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
भूपेन्द्र चौधरी ने बढ़ती महंगाई को भी बैठक का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम करीब 515 रुपये तक बढ़ चुके हैं, जिससे व्यापारी वर्ग और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही है, जिससे आम आदमी का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है।

बैठक में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने आगामी पंचायतीराज और नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत से जिताने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पीसीसी सदस्य प्रेमराज नायक, पूर्व उपप्रधान राजेन्द्र नायक, ग्राम पंचायत प्रशासक रोहित स्वामी, नवनीत संधू, मण्डल अध्यक्ष प्रकाश जैन, योगेश चौहान, सरपंच अमर सिंह सिहाग, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रोहित जावा, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रणवीर सिहाग, राजेन्द्र तंवर, मण्डल अध्यक्ष अनिल भाम्भू, राजकुमार दुधवाल, पर्यावरण प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष भानीराम बगडिया, पूर्व उपसभापति अनिल खिचड़, सरपंच रोहित स्वामी, देवकरण, अमर सिंह सिहाग, कालूराम गोदारा, जिला परिषद सदस्य हरमंदर सिंह बराड़, सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक, इशाक खान, कृष्ण नेहरा, इन्द्रजीत शर्मा, मोहम्मद सुभान, नेतराम, सरपंच शमशाद, विजय सिंह जांगू, विजेन्द्र साईं धनश्याम भादू आदि मौजूद थे।





