




भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना खुद को जिले के 90 प्रतिशत इलाके से परिचित बता रहे हैं और शेष 10 प्रतिशत क्षेत्र को कवर करने के लिए फील्ड में उतर चुके हैं। बीती शाम से लेकर देर रात तक शहर में किया गया उनका औचक निरीक्षण इसी सक्रियता का संकेत देता है।
एसपी मीना सबसे पहले जंक्शन थाना पहुंचे। यहां उन्होंने थाना परिसर का निरीक्षण किया और मेस में पुलिसकर्मियों के लिए तैयार भोजन की गुणवत्ता भी परखी। इसके बाद थाना प्रभारी रामचंद्र कस्वां से लंबित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली और निस्तारण की प्रगति पर सवाल-जवाब किए। सूत्रों के अनुसार, एसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थाने से निकलकर एसपी शहर के निरीक्षण पर रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने जंक्शन रेलवे स्टेशन, भगत सिंह चौक, राजीव चौक, बस स्टैंड, भारत माता चौक, टाउन मार्केट, सूरतगढ़ रोड, श्रीगंगानगर रोड और संगरिया रोड जैसे प्रमुख और संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। कुछ स्थानों पर उन्होंने नाकाबंदी के निर्देश भी दिए, ताकि रात के समय संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।
अचानक रात में एसपी को सड़कों पर देखकर पुलिसकर्मी भी पूरी तरह सतर्क नजर आए। निरीक्षण के दौरान जंक्शन थाना प्रभारी रामचंद्र कस्वां, टाउन थाना प्रभारी अशोक बिश्नोई, अमर सिंह सहित अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी उनके साथ मौजूद रहे। हर चौराहे और हर पॉइंट पर एसपी की नजर व्यवस्था, गश्त और पुलिस की मौजूदगी पर रही।

काबिलेगौर है कि एसपी मीना ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही पुलिस कार्यप्रणाली में बदलाव के संकेत दे दिए थे। उन्होंने दो अहम बातों पर विशेष जोर दिया। पहली, कार्यालयों में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को भी नियमित रूप से गश्त पर निकलना होगा। उनका मानना है कि केवल थानों में बैठकर कानून-व्यवस्था नहीं संभाली जा सकती। दूसरी, भोर गश्त की शुरुआत। एसपी के अनुसार, अधिकांश चोरियां अल सुबह होती हैं, जब लोग गहरी नींद में होते हैं और पुलिस की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम रहती है। ऐसे में भोर गश्त को अनिवार्य बनाना समय की जरूरत है।

बेशक, एसपी का यह रुख साफ इशारा करता है कि आने वाले दिनों में जिले में पुलिसिंग का अंदाज बदलेगा। गश्त बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और लापरवाही पर कार्रवाई की संभावना भी बढ़ेगी। सीमावर्ती जिला होने के कारण हनुमानगढ़ में नशा तस्करी, चोरी और अन्य अपराधों की चुनौती हमेशा बनी रहती है। ऐसे में एसपी की सक्रियता को कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

उधर, आमजन और व्यापारिक वर्ग की नजर भी नए पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली पर टिकी हुई है। शहर के व्यवसायी अशोक व्यास का कहना है कि एसपी की सक्रियता स्वागतयोग्य है। उनका मानना है कि यह बेहतर होगा कि यह मिजाज लगातार बना रहे। अगर पुलिस हर समय अलर्ट रहेगी, तो अपराधियों के लिए वारदात को अंजाम देना आसान नहीं होगा।





