



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ में बतौर एसपी पदभार ग्रहण करने के दूसरे ही दिन जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त तेवर दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने साफ कर दिया कि अब पुलिस का चेहरा फाइलों से नहीं, फील्ड से पहचाना जाएगा। एसपी कार्यालय के सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बिना लाग-लपेट अपनी प्राथमिकताएं रखीं। नशा तस्करी पर नकेल, गश्त को अनिवार्य बनाना और लापरवाही पर सीधी कार्रवाई।
एसपी ने माना कि सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां पुलिस के लिए काम के ‘ऑप्शन’ की कोई कमी नहीं है। खास तौर पर नशा सप्लायर्स पर कड़ी नजर रखने की जरूरत बताते हुए उन्होंने भारतमाला रोड पर जाखड़ावाली और संगरिया पॉइंट पर स्थायी नाका लगाने की बात कही। उनका कहना था कि चित्तौड़गढ़ सहित अन्य क्षेत्रों से अफीम की तस्करी की सूचनाएं मिलती रही हैं, ऐसे में बसों की नियमित और प्रभावी चेकिंग की जाएगी।

एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने स्पष्ट किया कि अब केवल थानों की चारदीवारी में बैठकर पुलिसिंग नहीं चलेगी। उन्होंने कार्यालयों में पदस्थापित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी फील्ड में उतरने का निर्देश दिया। बकौल नरेंद्र सिंह मीना, ‘अमूमन ऑफिस वाले गश्त नहीं करते, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब 7 से 11 बजे तक फील्ड में रहना होगा। यह सेहत और अपराध नियंत्रण, दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा।’ इतना ही नहीं, रविवार को पूरे थाने की सामूहिक गश्त की व्यवस्था करने की बात भी कही गई।
एसपी ने दो टूक कहा कि जिले में नफरी की कोई कमी नहीं है। करीब 1500 पुलिसकर्मी उपलब्ध हैं, जरूरत है तो बस सही ढंग से उनसे काम लेने की। उन्होंने संकेत दिया कि अब जवाबदेही तय होगी और ढिलाई की गुंजाइश नहीं बचेगी।

नोहर-भादरा क्षेत्र में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं पर एसपी ने बताया कि पदभार ग्रहण करते ही वे खुद इन इलाकों में गए, थानों का निरीक्षण किया और फीडबैक लिया। नेठराना, जसाना सहित अन्य स्थानों पर हुई घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि 10 से 15 दिनों के भीतर ठोस और पुख्ता अपडेट देने का प्रयास रहेगा। परिवादियों की शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर एसपी का रुख बेहद सख्त रहा। उन्होंने साफ कहा कि यदि थाने स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो कार्रवाई थाना स्टाफ पर ही होगी।

रात आठ बजे के बाद शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देशों पर भी कड़ा रुख अपनाने की बात कही गई। नियम तोड़ने वाले ठेका संचालकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होंगे। एसपी ने कहा कि पुलिस का काम नियमों का पालन करवाना है, इसमें किसी तरह की नरमी नहीं चलेगी। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि वे खुद भी शाम छह बजे के बाद फील्ड में जाने का प्रयास करेंगे। बीट प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके क्षेत्रों में होने वाली आपराधिक घटनाओं की जिम्मेदारी उन्हीं की मानी जाएगी। पांच से अधिक मुकदमों में लिप्त आरोपितों की अलग से फाइल खोलकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









