

भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
राजस्थान की बिजली व्यवस्था को लेकर चल रही अटकलों और अफवाहों पर विद्युत भवन में एक महत्वपूर्ण संवाद के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था के निजीकरण की कोई योजना सरकार के पास नहीं है। ऊर्जा मंत्री ने कहा, ‘प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर उपभोक्ता को बिना ट्रिपिंग के सस्ती और निर्बाध बिजली मिले और इसके लिए विद्युत कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम है। राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्राथमिकता है, और इसमें सबसे बड़ा योगदान विद्युत निगमों के कार्मिकों का ही होगा।’
बैठक में विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताओं और अपेक्षाओं को ऊर्जा मंत्री के समक्ष रखा, जिसे नागर ने गंभीरता से सुना और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऊर्जा क्षेत्र में कोई भी निर्णय कर्मचारियों के हितों को नजरअंदाज करके नहीं लिया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उत्पादन क्षेत्र में किए गए संयुक्त उद्यम, जैसे कि एनटीपीसी, पावर ग्रिड और कोल इंडिया जैसे केन्द्रीय उपक्रमों के साथ एमओयू, प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। ये साझेदारियाँ न केवल बेहतर वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करेंगी, बल्कि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती भी देंगी। बैठक में चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के एमडी नथमल डिडेल, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के चेयरमैन एवं एमडी देवेन्द्र श्रृंगी सहित विद्युत विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से किसानों को मिलेगी राहत
मंत्री ने वितरण व्यवस्था को सुधारने के लिए लागू किए गए हाइब्रिड एन्युटी मॉडल की भी चर्चा की, जो खासतौर पर दिन में किसानों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए कारगर सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के जरिए विकेन्द्रित सौर संयंत्रों की स्थापना संभव हो रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर सस्ती और दक्ष बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है। साथ ही, ट्रांसमिशन लॉस को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
प्रसारण व्यवस्था भी होगी और अधिक मजबूत
ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश की प्रसारण व्यवस्था को योजनाबद्ध ढंग से और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्पादन, वितरण और प्रसारणकृतीनों ही क्षेत्रों में कर्मचारियों के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी। ऊर्जा मंत्री के इस संवाद और स्पष्ट रुख से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि संतुष्ट दिखे। उन्होंने मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि सरकार के साथ मिलकर वे प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अपना योगदान देंगे।