खेतों की हरियाली और किसानों की सुरक्षा पर जोर, जानिए…. कैसे ?

image description

भटनेर पोस्ट सिटी डेस्क.
भारतीय कृषि की उन्नति और किसानों की समृद्धि के लिए, हिल इंडिया लिमिटेड एवं सनराइज इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय किसान जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित एवं उचित उपयोग, एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) तथा जैविक विकल्पों को अपनाने पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रगतिशील किसान भूपेंद्र चौधरी रहे, जिन्होंने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, ‘हमारा भारत प्राचीनकाल से कृषि क्षेत्र में अग्रणी रहा है और आधुनिक युग में भी हमें नई तकनीकों को अपनाते हुए इस परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए। जहां एक ओर भारतीय कृषि संसाधनों के मामले में प्रगति कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कई किसान परिवार खेती छोड़कर नौकरी की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में हमें अपनी कृषि प्रणाली को और अधिक उन्नत बनाकर ग्रामीण रोजगार के अवसरों का सृजन करना चाहिए।;


विशिष्ट अतिथि एवं सनराइज इंस्टीट्यूट के निदेशक अश्विनी पारीक ने किसानों को कीटनाशकों के उपयोग में सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पेस्टीसाइड का छिड़काव करते समय पूर्ण सुरक्षा उपाय अपनाने आवश्यक हैं, जिससे त्वचा संबंधी रोगों और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को कीटनाशकों का कम से कम उपयोग करना चाहिए तथा जैविक एवं प्राकृतिक विकल्पों की ओर ध्यान देना चाहिए।
हिल इंडिया लिमिटेड के राज्य प्रभारी देवेन्द्र गुप्ता ने टिकाऊ एवं सुरक्षित खेती की तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘कीटनाशकों का प्रभावी उपयोग और एकीकृत कीट प्रबंधन को अपनाकर हम न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ा सकते हैं, बल्कि पर्यावरण की स्थिरता भी सुनिश्चित कर सकते हैं।’
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. रमेश बराला ने सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि योजनाओं की विस्तृत जानकारी किसानों को दी और बताया कि रसायनों के अनुचित उपयोग से किस प्रकार कृषि को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, सहायक निदेशक डॉ. संजीव भादू ने जैविक खेती, जैव उर्वरकों और रसायनों के संतुलित उपयोग के महत्व को रेखांकित किया।


किसानों की सहभागिता और जागरूकता का बढ़ता प्रभाव
कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया, जिनमें अनिल तिवाड़ी, कालूराम गोदारा, चेतराम कूकना, रामकुमार दूधवाल, सुशील सिल्लू, सुखदेव सिंह, दीपक शर्मा, लखविंद्र सिंह, बग्गा सिंह, सर्वजीत बराड़, बंसीलाल थोरी, सुखदेव गोदारा, रामस्वरूप पारीक, संदीप जांगू, लोकेन्द्र भाटी, अमरजीत नैण, विजय सिराव, उस्नाक मोहम्मद, अंतराम, रामप्रताप नायक, दयाराम नायक आदि प्रमुख रहे। इन सभी किसानों ने जागरूकता अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में किसानों को पेस्टीसाइड के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए निःशुल्क सेफ्टी किट वितरित की गई। इस अवसर पर हिल कंपनी के हितेंद्र नाहर और सनराइज इंस्टीट्यूट की ओर से धर्मेंद्र बजाज, बंसी खन्ना, शिशुपाल, मामराज परिहार, इंद्रपाल तरड़, नरेश भदरा, कृष्ण सांखला, जयपाल गिरी, हेतराम भाटी, सोनू गोस्वामी, रणवीर नायक, रजीराम, महेंद्र चतुर्वेदी, खुशी अमलानी, सुरेंद्र खटीक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
एक सार्थक पहल की दिशा में कदम
पक्कासारणा के प्रगतिशील किसान अनिल तिवाड़ी ने बताया कि इस कार्यक्रम ने न केवल किसानों को जागरूक किया, बल्कि उन्हें उन्नत और सुरक्षित कृषि प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित भी किया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि सही जानकारी और तकनीकों को अपनाया जाए, तो खेती को और अधिक लाभदायक और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *