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आज 8 नवंबर को दीपावली का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही माता सरस्वती और धन के देवता कुबेर की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। मान्यता है कि दीपावली पर विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली आती है। इसी कामना के साथ लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाकर रोशनी करेंगे।
ज्योतिषाचार्य डॉ. नीतीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11.28 बजे से शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12.31 बजे तक रहेगी। दीपावली पर शाम के समय प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
दीपावली पर घरों के मुख्य द्वार, आंगन और पूजा स्थलों पर दीपक जलाए जाएंगे। मान्यता के अनुसार, दीपों की रोशनी अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। यही कारण है कि दीपावली को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।
दीपावली पर पूजा स्थल में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, माता सरस्वती और कुबेर की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य डॉ. नीतीश कुमार वशिष्ठ के अनुसार, सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। इसके बाद मां लक्ष्मी, माता सरस्वती और कुबेर को रोली, अक्षत, फूल और मिठाई अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
उन्होंने बताया कि दीपावली पर श्रीसूक्त, लक्ष्मी चालीसा और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु पूजा के दौरान मंत्रोच्चार और भक्ति भाव के साथ मां लक्ष्मी का स्मरण करते हैं। घरों में दीप जलाकर सकारात्मकता और समृद्धि की कामना की जाती है।
व्यापारियों के लिए बही-खातों की पूजा का विशेष महत्व
दीपावली पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा है। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा के साथ बही-खातों, पेन, कंप्यूटर और तिजोरी की पूजा करते हैं। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत की कामना के साथ कारोबारी अपने व्यापार में उन्नति और आर्थिक समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हैं।
दीपावली का पर्व केवल धन और वैभव की कामना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार, समाज और जीवन में खुशहाली का संदेश भी देता है। दीपों की रोशनी के बीच श्रद्धालु एक-दूसरे को शुभकामनाएं देंगे और मिठाइयां बांटकर पर्व की खुशियां साझा करेंगे। राजस्थान के बाजारों में उमड़ी भीड़ और घरों में हो रही तैयारियां दीपावली के उल्लास को बयां कर रही हैं।







