







भटनेर पोस्ट डॉट कॉम
नगरीय निकाय चुनाव-2026 के लिए मतदान संपन्न होने के बाद अब सबकी नजरें सोमवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषक जहां कांटे की टक्कर और त्रिशंकु बोर्ड के कयास लगा रहे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित चौधरी का दावा है कि शहर की जनता ने बदलाव के लिए एकतरफा मतदान किया है और परिणाम चौंकाने वाले होंगे। मतगणना से ठीक 24 घंटे पहले ‘भटनेर पोस्ट डॉट कॉम’ से बातचीत में उन्होंने चुनावी माहौल, जनता की मुख्य समस्या और भविष्य के सियासी समीकरणों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश
वोटिंग हो गई। इस बार का नगरीय निकाय चुनाव आपके नजरिए से कैसा रहा?
-देखिए, यह चुनाव बहुत ही सकारात्मक और उम्मीदों से भरा रहा। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान जनता के बीच जो उत्साह और बदलाव की छटपटाहट दिखी, वह अप्रत्याशित थी। लोग पिछले बोर्ड की मनमानियों, निष्क्रियता और कारगुजारियों से पूरी तरह तंग आ चुके थे और जल्द से जल्द मुक्ति चाहते थे। शहर के गली-मोहल्लों में घूमने पर हमें साफ महसूस हुआ कि जनता अब सिर्फ वादे नहीं, ठोस काम चाहती है। जनता ने विकास और सुरक्षा के नाम पर खुलकर भागीदारी निभाई है।
प्रचार के दौरान आम लोगों के बीच ऐसे कौन-से मुद्दे रहे, जिन्होंने आपको सबसे ज्यादा झकझोरा?
-सबसे बड़ा और दर्दनाक मुद्दा शहर में पैर पसार चुका ‘नशा’ रहा। प्रचार के दौरान जब हम माताओं-बहनों और बुजुर्गों के बीच पहुंचे, तो उनकी सबसे बड़ी चिंता यही थी। कई परिवारों ने रोते हुए हमसे पूछा कि आप हमारी नई पीढ़ी को इस नशे के चंगुल से कैसे बचाएंगे? नशा बेचने वालों पर क्या एक्शन लेंगे? उनकी व्यथा सुनकर सच में मन भर आया। हनुमानगढ़ का युवा बर्बाद हो रहा है। हमने जनता को आश्वस्त किया है कि भाजपा का बोर्ड बनते ही पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर नशे के अवैध कारोबार की कमर तोड़ी जाएगी। पीड़ित परिवारों को इस दलदल से निकालना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। ज्यादातार बस्तियों में जलभराव की समस्याएं भी सुनने को मिलीं।
आपने और आपके पूरे परिवार ने इस चुनाव में भाजपा के पक्ष में दिन-रात पूरी ताकत झोंक दी। मेहनत का क्या नतीजा देखते हैं?
-देखिए, यह सिर्फ मेरा या मेरे परिवार का प्रयास नहीं था। हमारे समर्पित कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और शहर के जागरूक नागरिकों ने एक टीम की तरह पसीना बहाया है। हमारा एक ही साझा मकसद था, हनुमानगढ़ को भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से मुक्त कराकर विकास के नए आयाम स्थापित करना। जनता ने हमारे संकल्प को समझा है। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि परिणाम हमारी उम्मीदों से भी कहीं बेहतर आएंगे। भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ नगरपरिषद में अपना बोर्ड बनाएगी। इसमें किसी को रत्ती भर भी संदेह नहीं होना चाहिए।
सियासी गलियारों और चुनावी सर्वे में त्रिशंकु बोर्ड बनने के कयास लगाए जा रहे हैं। क्या गणित गड़बड़ा सकता है?
-त्रिशंकु का शोर सिर्फ सट्टा बाजार का नजरिया और कुछ लोगों द्वारा फैलाया गया भ्रम है। धरातल की हकीकत इससे कोसों दूर है। यह काल्पनिक भ्रम अगले 24 घंटे में पूरी तरह टूट जाएगा, जब ईवीएम खुलेगी। शहर का आम वोटर खामोश जरूर था, लेकिन उसका फैसला बिल्कुल साफ था। हनुमानगढ़ की जनता किसी अधरझूल या अस्थिरता के पक्ष में नहीं है। लोग जानते हैं कि सूबे में भाजपा की सरकार है और शहर में भी भाजपा का मजबूत बोर्ड ही विकास के रुके हुए पहिए को रफ्तार दे सकता है। लोग भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए आतुर हैं।
राजनीति में हर संभावना के दरवाजे खुले रहते हैं। अगर जादुई आंकड़े (31) से कुछ सीटें कम रह गईं, तो क्या रणनीति होगी?
-पहली बात तो यह कि हमें स्पष्ट और प्रचंड बहुमत मिल रहा है। फिर भी, अगर कोई मामूली कमी रह जाती है, तो शहर के विकास की सोच रखने वाले निर्दलीय पार्षदों से सीधा संवाद करेंगे। उन्हें साथ आने का खुला न्योता दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य एक भयमुक्त और भ्रष्टाचार-मुक्त नगरपरिषद देना है। सच्चाई यह भी है कि दूसरे खेमों से जीतने वाले कई संभावित प्रत्याशी भी अंदरखाने यह मानते हैं कि शहर का भला केवल भाजपा के बोर्ड से ही हो सकता है। वे भी शहर हित में हमारे साथ आना चाहते हैं। इसलिए बोर्ड गठन में हमें किसी भी तरह की कोई अड़चन नहीं आने वाली।







