



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
अस्पतालों की व्यस्त दिनचर्या, मरीजों की लगातार सेवा और जिम्मेदारियों के बीच भी अगर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को थोड़ा सा खुला आसमान मिल जाए, तो वे भी बल्ला थामकर मैदान में उतरने से पीछे नहीं रहते। हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर 8 मार्च को ऐसा ही नजारा देखने को मिलेगा, जब चिकित्सा जगत से जुड़े प्रतिनिधि खेल गतिविधियों में भाग लेकर अपने मन और मस्तिष्क को तरोताजा करेंगे। मेडिकल प्रीमियर लीग (एमपीएल) के चौथे सीजन का आयोजन इस दिन धूमधाम से किया जाएगा, जिसमें चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी 15 टीमें क्रिकेट के मैदान में एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी।

यह आयोजन जंक्शन में चक ज्वालासिंह वाला रोड स्थित एक्सपर्ट स्पोर्ट्स अकेडमी में होगा। पूरे कार्यक्रम को लेकर चिकित्सा जगत में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी जो साल भर मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं, वे इस दिन खेल के माध्यम से तनाव से राहत पाने और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

आयोजन से जुड़े डॉ. अमित अरोड़ा और प्रमोद कुमार ‘भटनेर पोस्ट डॉट कॉम’ को बताते हैं कि मेडिकल प्रीमियर लीग का यह चौथा सीजन पहले से अधिक रोमांचक होने जा रहा है। इस बार 15 टीमें प्रतियोगिता में भाग लेंगी। इनमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की हनुमानगढ़, नोहर, श्रीगंगानगर और रावतसर इकाइयों की टीमें शामिल होंगी। इसके अलावा केमिस्ट, होम्योपैथिक चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन, पशु चिकित्सक, आयुर्वेदिक चिकित्सक, डेंटिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, फिजियोथैरेपिस्ट तथा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) की टीमें भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

प्रतियोगिता का आगाज 8 मार्च को सुबह 8 बजे किया जाएगा और मुकाबले देर रात 10 बजे तक चलते रहेंगे। पूरे दिन मैदान पर क्रिकेट का रोमांच देखने को मिलेगा। आयोजन समिति के अनुसार लीग चरण के मैच 8-8 ओवर के खेले जाएंगे, जिससे प्रतियोगिता में तेजी और रोमांच दोनों बने रहेंगे। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले 10-10 ओवर के होंगे, जो टूर्नामेंट के रोमांच को चरम पर पहुंचाएंगे।

डॉ. अमित अरोड़ा का कहना है कि मेडिकल प्रीमियर लीग का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता कराना ही नहीं है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों के बीच आपसी समन्वय और भाईचारे को मजबूत करना भी है। आमतौर पर अस्पतालों और क्लीनिकों में व्यस्त रहने वाले डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी एक-दूसरे से औपचारिक रूप से ही मिल पाते हैं, लेकिन इस तरह के आयोजन उन्हें एक अलग माहौल में मिलने और आपसी संवाद बढ़ाने का अवसर देते हैं।

प्रमोद कुमार उर्फ डिजिटल कुमार का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग लगातार मानसिक दबाव और जिम्मेदारियों के बीच काम करते हैं। ऐसे में खेल गतिविधियां उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से ऊर्जा का काम करती हैं। मैदान पर क्रिकेट खेलने से न केवल उनका तनाव कम होता है, बल्कि टीम भावना और सकारात्मक सोच भी मजबूत होती है।
एक्सपर्ट स्पोर्ट्स अकेडमी में होने वाले इस आयोजन को सफल बनाने के लिए चिकित्सा जगत से जुड़े प्रतिनिधि तन्मयता के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं। मैदान की तैयारियों से लेकर टीमों के पंजीकरण और मैचों की रूपरेखा तक सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

आयोजकों का कहना है कि मेडिकल प्रीमियर लीग अब हनुमानगढ़ के चिकित्सा जगत का एक विशेष आयोजन बन चुका है। हर साल इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या और उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि पूरे दिन क्रिकेट के रोमांच के साथ-साथ आपसी मेलजोल और उत्सव का माहौल बना रहेगा। एक दिन के इस खेल महोत्सव में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपने सफेद कोट की जगह टीम की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेंगे और यह संदेश देंगे कि सेवा के साथ-साथ जीवन में उत्साह और ऊर्जा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।







