





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ जिले के भादरा थानाधिकारी हनुमानाराम बिश्नोई के खिलाफ जिले के अधिवक्ता लामबंद हो रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता अदरीस अली खान के विरुद्ध कथित जातिगत एवं आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकिन जिले भर के वकीलों में पुलिस के प्रति नाराजगी उभर आई है। नाराज वकीलों ने जिला बार संघ अध्यक्ष रोहित खींची के नेतृत्व में एसपी हरिशंकर से मिलकर विरोध दर्ज कराया साथ ही विरोधस्वरूप न्यायिक कार्य से दूर रहने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, थानाधिकारी हनुमानाराम बिश्नोई ने सभी आरोपों को लेकर ‘भटनेर पोस्ट डॉट कॉम’ से बातचीत की और अपना पक्ष रखा।

दरअसल, हनुमानगढ़ जिले में कानून व्यवस्था से जुड़ा एक संवेदनशील मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब भादरा थानाधिकारी हनुमानाराम बिश्नोई पर वरिष्ठ अधिवक्ता अदरीस अली खान के विरुद्ध कथित रूप से जातिगत एवं अनर्गल टिप्पणी करने का आरोप लगा। इस घटना से आहत अधिवक्ताओं ने इसे केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे विधि व्यवसाय और न्याय व्यवस्था की गरिमा पर आघात बताया है।

मामले को लेकर जिला बार संघ हनुमानगढ़ के अध्यक्ष रोहित खिंची के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को वकीलों में व्याप्त गहरे रोष से अवगत कराते हुए थानाधिकारी के कथित आचरण पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। बार संघ अध्यक्ष रोहित खिंची ने बताया कि थानाधिकारी ने कथित रूप से पक्षकारों के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अदरीस अली खान के विरुद्ध आपत्तिजनक और जातिगत टिप्पणी की। इससे न केवल एक वरिष्ठ अधिवक्ता की व्यक्तिगत सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि समस्त अधिवक्ता समुदाय स्वयं को अपमानित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह आचरण न्याय व्यवस्था और विधि व्यवसाय की मर्यादा के सर्वथा विपरीत है।

रोहित खिंची ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि पुलिस थाना भादरा के थानाधिकारी हनुमानाराम बिश्नोई को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाए। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ कर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और उसके सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

दूसरी तरफ, पूरे मामले पर थानाधिकारी हनुमानाराम बिश्नोई ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने ‘भटनेर पोस्ट डॉट कॉम’ से बातचीत में कहा कि उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। थानाधिकारी के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता अदरीस अली खान के भाई मेजर खान के खिलाफ जयपुर में जमीन धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। उसी संदर्भ में नियमानुसार कार्रवाई चल रही है।

थाना प्रभारी हनुमानाराम बिश्नोई का कहना है कि पुलिस की वैधानिक कार्रवाई से बचने और दबाव बनाने के उद्देश्य से उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि उनके द्वारा किसी भी प्रकार की जातिगत या आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई है और आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

इस बीच, जिला बार संघ अध्यक्ष रोहित खिंची ने कहा कि यदि प्रशासन ने इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो बार संघ को चरणबद्ध आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। ज्ञापन सौंपते समय बार संघ अध्यक्ष रोहित खिंची के साथ उपाध्यक्ष गुरदेव सिंह, सचिव हेमराज वधवा, एडवोकेट जाकिर कयामखानी, नितिन छाबड़ा, इमरान खान, शहजाद हुसैन, इरशाद हुसैन अदि मौजूद थे।
आगे क्या
फिलहाल, यह मामला प्रशासन और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए एक कसौटी बन गया है। एक ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमसम्मत बता रही है, वहीं दूसरी ओर अधिवक्ता समुदाय इसे सम्मान और गरिमा से जुड़ा प्रश्न मान रहा है। अब निगाहें पुलिस अधीक्षक और उच्चाधिकारियों के निर्णय पर टिकी हैं, जिनकी कार्रवाई तय करेगी कि यह विवाद शांत होगा या आगे और गहराएगा।





