




भटनेर पोस्ट डेस्क.
फाल्गुन का महीना अपने साथ रंग, रस और राग लेकर आता है। इस महीने में जब ‘खाटू वाले बाबा श्याम’ का नाम लिया जाए, तो श्रद्धा स्वतः ही मन पर छा जाती है। कुछ ऐसा ही दृश्य हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय के सेक्टर नंबर 12 स्थित श्री श्याम मंदिर के सामुदायिक भवन में देखने को मिला, जहां श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार के तत्वावधान में ‘श्री श्याम फाग महोत्सव’ का भव्य आयोजन हुआ। श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के संगम ने पूरे वातावरण को ऐसा रंग दिया कि मानो फाल्गुन स्वयं उतर आया हो।

कार्यक्रम की प्रभावी शुरुआत सुबह 10.15 बजे खाटू वाले बाबा श्याम की अमृतमयी अखण्ड ज्योति पाठ से हुई। बड़ी संख्या में श्याम भक्तों ने इस पाठ में सहभागिता निभाई। दीपों की लौ, मंत्रोच्चार की ध्वनि और भक्तों की एकाग्रता ने पूरे परिसर को दिव्य अनुभूति से भर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समय कुछ देर के लिए ठहर गया हो और हर मन केवल श्याम नाम में रमा हो।

ज्योत प्रचण्ड का शुभारंभ हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल, पूर्व सभापति संतोष बंसल, नगर परिषद के निवर्तमान सभापति सुमित रणवां, पूर्व पार्षद मंजू रणवां, प्रोजेक्ट चेयरमैन राजकुमार कार्याणि एवं आयोजन समिति के महासचिव भारत भूषण कौशिक ने किया। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। दीपों की रौशनी में श्रद्धा का जो भाव झलक रहा था, उसने कार्यक्रम की गंभीरता और पवित्रता को और गहरा कर दिया।

अखण्ड ज्योति पाठ का सस्वर वाचन भटनेर नगरी के कुमार नीरज द्वारा किया गया। यह पाठ उनके स्वपिता ब्रह्मलीन श्रीचन्द जी शर्मा की पावन स्मृति में आयोजित किया गया था। पाठ के दौरान भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही। मंत्रों की लय और भक्तों की तन्मयता ने ऐसा वातावरण रचा, जिसमें हर उपस्थित व्यक्ति स्वयं को इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा महसूस कर रहा था।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कोलकाता से आए विश्व प्रसिद्ध किनकीनी नाटिका ग्रुप की प्रस्तुति रही। ग्रुप ने श्री श्याम बाबा के जन्मोत्सव से लेकर शीश दान और खाद में शीश प्रकट होने तक की कथा को अलौकिक झांकियों के माध्यम से सजीव किया। नृत्य-नाटिकाओं और संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंच पर सजी झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा और भावपूर्ण अभिनय ने कथा को केवल देखा ही नहीं, बल्कि महसूस कराया।

फागोत्सव के अवसर पर श्याम भक्तों द्वारा प्रस्तुत की गई अनूठी फागुनी धमाल ने आयोजन को चरम पर पहुंचा दिया। रंग, गुलाल और भजनों की स्वर लहरियों के बीच भक्त झूम उठे। ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। यह केवल उत्सव नहीं था, यह सामूहिक श्रद्धा की अभिव्यक्ति थी, जहां हर चेहरा आनंद और तृप्ति से दमक रहा था।
इस भव्य आयोजन में श्री हनुमान जन कल्याण समिति, श्री बालाजी सेवा समिति, श्री श्याम मित्र मंडल, श्री खाटू श्याम दीवाने मंडल सेवा समिति, श्री कृष्ण गौ सेवा सुन्दरकाण्ड मण्डल, श्री श्याम अखाड़ा श्रृंगार सेवा समिति, विश्वकर्मा मंदिर, श्री नव सुन्दरकाण्ड मित्र मण्डल, श्री श्याम परिवार कला मण्डल, श्री मोरछड़ी परिवार, श्री श्याम युवा जल सेवा समिति, श्री खाटू श्याम पैदल यात्री संघ, ईशु-जिग्मी जागरण मंडल, श्री खड़ाऊ सेवा समिति, श्री श्याम झूलेलाल मित्र मंडल सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों का सराहनीय सहयोग रहा। व्यवस्थाओं में युवाओं और महिला मंडलों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को अनुशासित और सुव्यवस्थित बनाया।

समापन अवसर पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के सचिव भारत भूषण कौशिक ने सभी भक्तों, अतिथियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक परंपराओं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। सच कहें तो यह फाग महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि श्याम भक्ति का जीवंत उत्सव था, जो लंबे समय तक श्रद्धालुओं के मन में अपनी सुगंध छोड़ गया।




