





भटनेर पोस्ट खेल डेस्क.
खेल प्रतिभा, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का संगम जब मैदान पर उतरता है, तो परिणाम सिर्फ पदक नहीं होते, बल्कि संस्था की प्रतिष्ठा भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचती है। झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित डीएवी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में विद्यालय के खिलाड़ियों ने ऐसा ही शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न खेलों में पदक जीतकर विद्यालय और डीएवी परिवार का नाम रोशन किया। यह प्रतियोगिता डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति, नई दिल्ली के लिए भी विशेष उपलब्धि रही, क्योंकि डीएवी के इन खेलों (अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19) को स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्रदान की गई है, जो भविष्य में खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मजबूत मंच साबित होगी।

रांची में आयोजित डीएवी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच विद्यालय के खिलाड़ियों ने अपने कौशल, आत्मविश्वास और खेल भावना से सभी का ध्यान आकर्षित किया। विभिन्न आयु वर्गों में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में विद्यालय की टीमों और व्यक्तिगत खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

(अंडर-14) नेटबॉल प्रतियोगिता में विद्यालय की टीम ने शानदार तालमेल और रणनीतिक खेल का प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने जिस तरह से संयम, गति और सामूहिक प्रयास दिखाया, उसने दर्शकों और निर्णायकों दोनों को प्रभावित किया। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम रही, बल्कि प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय के खेल वातावरण की भी सशक्त झलक प्रस्तुत करती है।

स्केटिंग प्रतियोगिता में (अंडर-19) वर्ग के मौलिक सिंहघाटिया ने असाधारण प्रदर्शन कर विद्यालय को दोहरी खुशी दी। उन्होंने 100 मीटर लैप रेस में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी गति और संतुलन का शानदार परिचय दिया, वहीं 300 मीटर लैप रेस में रजत पदक हासिल कर यह साबित किया कि वे इस खेल के उभरते सितारों में से एक हैं। उनकी यह सफलता निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास का प्रतिफल मानी जा रही है।

तीरंदाजी प्रतियोगिता में मनीष चौधरी ने स्वर्ण पदक प्राप्त कर विद्यालय के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। सटीक निशाने और मानसिक एकाग्रता के साथ उन्होंने प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाए रखा। उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी। (अंडर-17) भारोत्तोलन प्रतियोगिता में युवराज ने कांस्य पदक जीतकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच युवराज ने अपने आत्मबल और तकनीकी दक्षता से यह साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प से बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। शूटिंग (निशानेबाजी) प्रतियोगिता में जसविंदर ने पदक प्राप्त कर विद्यालय का मान बढ़ाया। इस खेल में एकाग्रता और धैर्य की अहम भूमिका होती है, जिसे जसविंदर ने बखूबी सिद्ध किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य परमजीत कुमार ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने सभी विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन की कामना की। साथ ही, उन्होंने लोहड़ी के पावन पर्व के अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं और कहा कि यह पर्व नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है।





