




भटनेर पोस्ट खेल डेस्क.
जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कैडेट एवं जूनियर ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हनुमानगढ़ जिले के खिलाड़ियों ने अपने जबरदस्त प्रदर्शन से जिले का मान बढ़ा दिया है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन जांबाज़ खिलाड़ियों ने कुल 12 पदक जीतकर यह सिद्ध कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो हर बाधा छोटी लगती है। प्रतियोगिता का आयोजन राजस्थान ताइक्वांडो संघ द्वारा किया गया था, जिसमें राज्यभर के सैकड़ों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। लेकिन पूरे आयोजन में जो सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने में सफल रहे, वे थे हनुमानगढ़ के जुझारू खिलाड़ी।
हनुमानगढ़ के लिए सबसे बड़ी खुशी का क्षण तब आया जब भाग्यश्री, विक्रांत और रहमाना बानो ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इन तीनों खिलाड़ियों ने न सिर्फ अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात दी, बल्कि ताइक्वांडो की बारीकियों और तकनीकी श्रेष्ठता का भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। किरण, कृति और प्राची ने अपने-अपने वर्ग में जबरदस्त जुझारूपन दिखाया और सिल्वर मेडल हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। इनके फुर्तीले मूव्स और आत्मविश्वास ने दर्शकों को भी रोमांचित कर दिया। कांस्य पदक जीतने वालों में कैलाश, अन्य पारीक, डिंपल, फजरूद्दीन, अंशिका सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों के लिए तैयार हैं।

सीमित संसाधन, असीमित हौसले: सद्दाम हुसैन
जिला ताइक्वांडो सचिव सद्दाम हुसैन ने बताया कि इन पदकों की बदौलत अब कई खिलाड़ी उत्तराखंड में होने वाली राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए चयनित हो गए हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा, ‘हमारे खिलाड़ी संसाधनों की कमी से नहीं, अपने जूनून से खेलते हैं और जीतते हैं।’ इस शानदार उपलब्धि के पीछे कोच शेर सिंह और मनोज ढाका की अथक मेहनत रही। दोनों कोचों ने तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ खिलाड़ियों को मानसिक रूप से भी तैयार किया। उनका कहना है कि यदि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, उपकरण और बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा मिले तो वे देश के लिए भी स्वर्ण पदक जीत सकते हैं। सद्दाम हुसैन बताते हैं कि जिले में ताइक्वांडो को लेकर युवाओं और बच्चों में लगातार उत्साह बढ़ रहा है। इसे देखते हुए आगामी महीनों में और भी प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि और अधिक खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हनुमानगढ़ का नाम रोशन कर सकें।

खुशियों की लहर, बधाइयों का तांता
इस ऐतिहासिक सफलता से जिलेभर में खुशियों की लहर दौड़ गई है। खिलाड़ियों के परिजन, शिक्षक, खेल प्रेमी और आमजन उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। हर कोई इन प्रतिभाओं से राष्ट्रीय स्तर पर भी दमदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है। सद्दाम हुसैन के मुताबिक, यह जीत सिर्फ पदकों की नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास, अनुशासन और लगन की है जो इन खिलाड़ियों ने मैदान पर उतारी। हनुमानगढ़ अब सिर्फ नक्शे पर नहीं, खेलों के मैदान में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।



