




भटनेर पोस्ट डिजिटल डेस्क.
हनुमानगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी में उन पदाधिकारियों की छुट्टी की जाएगी जो संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेने में रुचि नहीं रखते। शुक्रवार को डीसीसी कार्यालय में हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य अतिथि पीसीसी प्रभारी महामंत्री पूसाराम गोदारा, विशिष्ट अतिथि विधायक अमित चाचाण शामिल हुए। बैठक में संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए डीसीसी अध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी एवं पीसीसी प्रभारी महामंत्री पूसाराम गोदारा ने संगठन के बूथ से लेकर जिले तक के सभी रिक्त पदों को भरने के लिए पात्र कार्यकर्ताओं के चयन के निर्देश प्रदान किए। बैठक में निर्णय लिया गया कि संगठनात्मक पदों पर नियुक्त पदाधिकारी जो सक्रिय नहीं है और संगठन की बैठकों में बिना किसी कारण के तीन बार लगातार अनुपस्थित रहेंगे उन्हें पद से मुक्त कर सक्रिय कार्यकर्ता को उस पद पर मौका दिया जाएगा। बैठक को पीसीसी उपाध्यक्ष भरतराम मेघवाल, पीसीसी सचिव मनीष मक्कासर, जिला प्रमुख कविता मेघवाल, पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़, नोहर पंचायत समिति प्रधान सोहन ढिल, डीसीसी उपाध्यक्ष चन्द्रपाल भोबिया, गुरदीप चहल, इशाक खां, पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़, डीसीसी प्रवक्ता व सरपंच नवनीत संधू, डीसीसी प्रवक्ता व कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक, श्रवण तंवर, प्रेमराज नायक, मनमोहन सोनी, देवीलाल मटोरिया, शेरसिंह, विकास रांगेरा, जयराम ढूकिया ने भी संबोधित किया। मंच संचालन गुरमीत चन्दड़ा ने किया। ब्लॉक अध्यक्ष बलवीर सिंह सिद्धू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इससे पूर्व बैठक की शुरुआत में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बहादुर चंद जैन व पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष बाबूलाल सुथार के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई।

सरकार की मंशा साफ नहीं: दादरी
डीसीसी अध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी ने बैठक में कहा कि परिसीमन का कार्य 6 माह पूर्व प्रारम्भ होकर वोटर लिस्ट बन जानी चाहिए थी, किन्तु सरकार की मंशा साफ नहीं थी, इसलिए हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे ताकि चुनाव टाले जा सकें। यदि किसी ग्राम पंचायत की आबादी 5500 से ज्यादा है तो ही उसे तोड़ा जा सकता है अन्यथा हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। दादरी ने कहा कि नगर निकायों के लिए राज्य सरकार सीमा बढ़ाकर वार्डों का परिसीमन करना चाह रही है जिसके तहत कांग्रेस बाहुल्य वार्डों को प्रभावित किया जा रहा है और भाजपा बाहुल्य वार्डों को छोटे कर वार्डों की संख्या बढ़ाने की मंशा भाजपा सरकार रखती है।

कानून का उल्लंघन कर रही बीजेपी सरकार: गोदारा
पीसीसी प्रभारी महामंत्री पूसाराम गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार वन स्टेट-वन इलेक्शन के नाम पर नगर निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव ना कराकर संविधान एवं कानून का उल्लंघन कर रही है। वन स्टेट-वन इलेक्शन के नाम पर राजस्थान सरकार की ओर से पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव टालकर प्रशासक के माध्यम से जनप्रतिनिधियों का अधिकार छीनकर प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों के विकास को अवरूद्ध करने का कार्य किया जा रहा है। राजस्थान सरकार प्रदेश में नगर निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं के परिसीमन एवं पुनर्गठन में नियमों एवं जनभावनाओं के बजाय राजनीतिक दुर्भावना के आधार पर सीमांकन/वार्डों का पुर्नगठन कर रही है।
सरकार के काम में संघ का हस्तक्षेप: चाचाण
नोहर विधायक अमित चाचाण ने कहा कि आपित्तजनक बात यह है कि भाजपा संविधान और कानून का तो अनुसरण नहीं कर रही। इसके साथ ही पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन एवं पुनर्सीमांकन के लिए एक मंत्री की मंत्रीमण्डलीय समिति का गठन किया गया है, उस कमेटी की आज तक कोई बैठक नहीं हुई। सरकार की गाइड लाइन जिला कलक्टर, एसडीएम और ईओ के लिए भेजी गई, उसके अनुसार ही कार्य करना है, कानून भी यही है, किन्तु आश्चर्यजनक रूप से भाजपा एवं आरएसएस ने अघोषित रूप से पार्टी स्तर पर अपनी एक समिति गठित कर दी है जो अपने स्तर पर जिलों में कमेटी बनाकर ओटीएस, जयपुर में बैठकर कार्य कर रही है। यह कमेटी पंचायती राज व नगर निकाय के अधिकारियों को बुलाकर उन पर दबाव बनाते हुए पंचायतों में तोड़-फोड़ करने, नगर निकाय के वार्डों में बदलाव करने, सीमावृद्धि करने और भाजपा कैसे विजयी इस आधार पर पुनर्सीमांकन करवाने का कार्य कर रही है।
लीलांवाली गुट का आरोप, कांग्रेस को कमजोर कर रहे जिलाध्यक्ष
बैठक में पूर्व विधायक चौधरी विनोद कुमार लीलावाली के समर्थकों ने जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी पर खुलेआम आरोप लगाए। उन्होंने कहाकि दादरी को हटाकर ही कांग्रेस को मजबूत किया जा सकता है। इस पर दादरी समर्थकों ने प्रतिकार किया। उनका कहना था कि इस तरह की फिजूल बातों से पार्टी कमजोर होगी। जिलाध्यक्ष के तौर पर सुरेंद्र दादरी सबसे सफल माने जाते हैं। वे सभी वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से ही कोई निर्णय लेते हैं। दादरी जैसा कुशल संगठक ही पार्टी को मजबूत कर सकता है। हालांकि इस मसले पर मीटिंग में खूब हंगामा हुआ।



