February 21, 2026

दस्तक

गोपाल झा.अख़बार से मेरा रिश्ता कब बना, यह याद नहीं। जैसे कोई नदी चुपचाप ज़मीन के नीचे...
गोपाल झा.यह दृश्य अपने आप में प्रतीकात्मक था। मंच पर ‘आधुनिक पुलिसिंग’ की चर्चा होनी थी, प्रस्तुति-पट्टिकाओं...
गोपाल झा.यह दौर काग़ज़ से फिसलकर स्क्रीन पर आ चुका है। स्याही की खुशबू अब नोटिफिकेशन की...
गोपाल झा.राजनीति की दुनिया अजीब है, इतनी अजीब कि कभी-कभी लगता है मानो इसे किसी बड़े रंगमंच...
गोपाल झा.जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने की घटना किसी साधारण रोज़मर्रा की तकरार नहीं, लोकतंत्र की बुनियाद...
गोपाल झा.देश में विचारों की गर्मी अक्सर राजनीति से उठती रही है, लेकिन जब यह आग प्रशासनिक...
गोपाल झाराठीखेड़ा आज ग़ुस्से में है। गांव का माहौल गरम है। लोग साफ कह रहे हैं, विकास...
गोपाल झा.राजस्थान की सियासत में इन दिनों कांग्रेस चर्चा में है, क्योंकि वह बदलाव के दौर से...