June 14, 2026

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गोपाल झा.अख़बार से मेरा रिश्ता कब बना, यह याद नहीं। जैसे कोई नदी चुपचाप ज़मीन के नीचे...
वेदव्यास मैं गांव-गांव का शिल्पकारमानव सपनों का सूत्रधारमैं करने आया आज सभी काखुशियों से अभिसार….मेरे गीतों में...
गोपाल झावक्त को हमने बड़े इत्मीनान से तीन हिस्सों में बाँट रखा है। अतीत, वर्तमान और भविष्य।...