


भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
पाकिस्तान से सटे श्रीगंगानगर क्षेत्र में ड्रोन के जरिए बढ़ती नशे और हथियारों की तस्करी का मामला अब संसद के पटल पर गूंज उठा है। श्रीगंगानगर के सांसद कुलदीप इंदौरा ने लोकसभा में इस गंभीर विषय को उठाते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी केवल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य को भी अंधकार में धकेल रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस पर रोक लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए और ठोस कदम उठाए जाएं। सांसद इंदौरा ने बताया कि पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप भेजी जा रही है। कई मामलों में सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे ड्रोन पकड़े हैं, जिनमें हेरोइन और हथियार पाए गए। लेकिन इस बढ़ती गतिविधि को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की सुरक्षा को लेकर सरकार इतनी गंभीर है, तो फिर सीमावर्ती क्षेत्रों में यह खतरा क्यों बढ़ता जा रहा है?

किसानों की परेशानी भी आई सामने
सांसद इंदौरा ने सीमा पर रहने वाले किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर लगी तारबंदी के कारण किसानों को खेती करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों की जमीन तारबंदी के उस पार है, जिससे उन्हें अपने ही खेतों में जाने के लिए प्रशासन की अनुमति लेनी पड़ती है। यह उनके लिए असुविधाजनक और समय लेने वाली प्रक्रिया बन गई है।
बॉर्डर स्कीम का पैसा भी हुआ बंद
इंदौरा ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट स्कीम के तहत सीमावर्ती इलाकों में विकास कार्यों के लिए जो पैसा आता था, वह अब बंद हो गया है। इस कारण सीमा पर बसे गांवों का बुनियादी ढांचा कमजोर हो रहा है। सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस योजना को फिर से चालू किया जाए ताकि सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को राहत मिल सके।

सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग
सांसद कुलदीप इंदौरा ने गृह मंत्रालय से अपील की कि ड्रोन तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा एजेंसियां टेक्नोलॉजी के माध्यम से बड़े अपराधियों को पकड़ सकती हैं, तो ड्रोन से हो रही तस्करी को रोकना भी संभव है। इसके लिए ड्रोन रोधी प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता है।




