

भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय वानिकी दिवस के मौके पर जयपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नदियों का सिकुड़ना, पहाड़ों का छोटा होना और वनों का कटना हमारे अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रकृति का सम्मान करने और वन क्षेत्र का विस्तार करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को और गति दी जाएगी, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा, ‘प्रकृति में कुछ भी व्यर्थ नहीं होता। वृक्षों से न सिर्फ औषधियां बनती हैं, बल्कि वे जीवनदायिनी छाया और फल-फूल भी देते हैं।’ अभियान के तहत इस साल 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे और इसके जरिए प्रदेश में हरियाली का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने गौरैया संरक्षण पर भी जोर दिया और कहा कि ‘गौरैया को बचाना सिर्फ एक पक्षी को बचाना नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण को संतुलित रखने का प्रयास है।’ इसके लिए स्थानीय किस्मों के पौधों को बढ़ावा दिया जाएगा। ‘एक जिला, एक प्रजाति’ योजना के तहत हर जिले में स्थानीय प्रजाति के पौधे विकसित किए जाएंगे ताकि जैव विविधता को समृद्ध किया जा सके। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पालीघाट में घड़ियाल रियरिंग सेंटर खोला जाएगा। इससे न सिर्फ जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित कर प्रदेश को प्राकृतिक धरोहर से समृद्ध किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राजस्थान में वन क्षेत्र को 9.64 फीसद से बढ़ाकर 20 फीसद तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नई कृषि वानिकी नीति लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘वन क्षेत्र को बचाना ही नहीं, उसे बढ़ाना भी हमारी प्राथमिकता है।’ इसके तहत 1750 वनरक्षकों की भर्ती की जाएगी, जो प्रदेश में वनों की रक्षा और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

वन और जल स्रोतों का संरक्षण हमारी संस्कृति का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति में नदी, पहाड़ और पेड़ों की पूजा की जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ’हमें प्रकृति में सहभागिता बढ़ानी होगी और आने वाली पीढ़ियों को वृक्षारोपण की प्रेरणा देनी होगी।’ मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुट होकर कार्य करने की अपील की और कहा कि ‘सिर्फ वृक्षारोपण से ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण से भी प्रदेश को हरा-भरा बनाया जा सकता है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हरियाली से भरपूर राजस्थान’ का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक प्रकृति के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। उन्होंने सभी वन मित्रों को उनके योगदान के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ष्वनों का संरक्षण सिर्फ सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य भी है।’
