



भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
राजस्थान में सियासी सरगर्मी कोई नई बात नहीं। कभी मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं, कभी सियासी नियुक्तियों की सुगबुगाहट, तो कभी मुख्यमंत्री बदलने तक के कयास। दिलचस्प यह है कि इन अटकलों को हवा देने में विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष भी पीछे नहीं रहता। वजह साफ है, भारतीय जनता पार्टी के भीतर का आंतरिक संतुलन, जो बाहर से जितना सधा हुआ दिखता है, भीतर उतना सरल नहीं।
इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया दिल्ली दौरे ने एक बार फिर सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया। कुछ हलकों में तो यहां तक कहा जाने लगा कि मुख्यमंत्री बदले जा सकते हैं। हालांकि, हर बार की तरह यह भी सिर्फ अटकलें ही साबित हुईं। सच यह है कि यह दौरा पूरी तरह विकास और समन्वय से जुड़ा रहा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें राजस्थान के मौजूदा हालात और प्रगति से अवगत कराया। दोनों नेताओं के बीच राज्य के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। सीएम ने प्रधानमंत्री को एचपीसीएल रिफाइनरी, राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल आपूर्ति और फिरोजपुर फीडर आईजीएनपी की प्रगति की जानकारी दी। यह साफ संकेत था कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजस्थान के शिल्पकार द्वारा चंदन की लकड़ी से निर्मित मां दुर्गा की मूर्ति प्रधानमंत्री को भेंट की। यह भेंट सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भर कारीगर परंपरा का प्रतीक भी रही।
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भी मुलाकात की। इन बैठकों में शहरी विकास, हरित ऊर्जा, परिवहन और विमानन क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ‘विकसित राजस्थान’ के लक्ष्य को लेकर तेज़ी से काम कर रही है। बजट 2026-27 में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है, जबकि राजकोषीय घाटा घटकर 3.69 प्रतिशत रह गया है। प्रदेश की राजस्व प्राप्ति 3.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो वित्तीय अनुशासन और बेहतर प्रशासन का संकेत देती है।
राजस्थान 13 राष्ट्रीय योजनाओं में देश में पहले स्थान पर, 5 में दूसरे और 6 योजनाओं में तीसरे स्थान पर है। सुशासन को मजबूत करने के लिए ‘रीति’ के तहत ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम’ और ‘विकसित वार्ड’ अभियान शुरू किए गए हैं। जल जीवन मिशन की अवधि बढ़ाने और एक्सप्रेस-वे समेत कई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार जताया।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री से हुई चर्चा में जयपुर एयरपोर्ट पर नए स्टेट टर्मिनल भवन, भरतपुर-डीग और सीकर-झुंझुनूं में नए एयरपोर्ट के लिए स्टडी तथा पर्यटन शहरों में उड़ानों की निरंतरता जैसे मुद्दे शामिल रहे। वहीं मनोहर लाल के साथ हरित ऊर्जा, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम से राजस्थान को जोड़ने की संभावनाओं पर मंथन हुआ।







