



अनिल जान्दू.
आजकल अनहेल्दी खान-पान, तनाव और भागदौड़ से भरी जिंदगी के कारण लोग कई बीमारियों का शिकार होते जा रहे हैं। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़ में वाग्भट्ट वेलनेस सेंटर के नाम से लेकर आया है एक ऐसी सुविधा जहां आप अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त और हेल्दी बना सकते हैं। ये आज के समय की आम प्रॉब्लम्स हैं। इनसे निपटने के लिए आपके शरीर को चुस्त औेर दिमाग को दुरुस्त होना ज़रूरी है। ऐसे में अगर आपको हनुमानगढ़ में ही एक ऐसी जगह मिले जहाँ आप न केवल अपनी सेहत सुधारें, बल्कि अंदर से भी खुद को नया महसूस कर पाएं तो क्या आप उसका फायदा नहीं उठाना चाहेंगे ? एसकेडी यूनिवर्सिटी में वाग्भट्ट वेलनेस सेंटर ऐसी ही एक खास जगह है जहाँ आप तन और मन की पूरी देखभाल कर सकते हैं वह भी नेचुरल तरीकों से।

वाग्भट्ट वेलनेस एवं आयुष अस्पताल (श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय) एक हेल्थ रिट्रीट है जहाँ जाकर आप एक नयी ताज़गी का एहसास कर सकते हैं और ये होता है पूरी तरह नेचुरल तरीको से। वाग्भट आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘अष्टांगसंग्रह‘ तथा ‘अष्टांगहृदयम्’ के रचयिता थे। एसकेडी यूनिवर्सिटी द्वारा स्थापित किए गए वाग्भट वैलनेस सेंटर में आधुनिक समस्याओं का इलाज पुराने तरीकों जैसे योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी से किया जाता है। इस तरह आप बिना दवाइयों के बस प्रकृति के साथ मिलकर अपनी हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं।

चूँकि योग अब आमजन की दिनचर्या का एक अभिन्न अंग है, ऐसे में यहाँ सुबह-सुबह ताज़ी हवा में योग करने से ही दिन की शुरुआत होती है। वाग्भट वेलनेस सेंटर में प्रशिक्षित योग गुरु आपकी सेहत और स्वास्थ्य के मुताबिक आपको सरल लेकिन असरदार आसनों और प्राणायाम के ज़रिए दिन की शुरुआत कराते हैं क्योंकि योग और प्राणायाम सिर्फ बॉडी फिटनेस ही नहीं बल्कि माइंड डिटॉक्स को भी बढ़ावा देते हैं।

योग के बाद वाग्भट का दूसरा अभिन्न अंग है आयुर्वेद। जैसा की आपको पता होगा अधिकतर बीमारियाँ शरीर के दोषों (वात, पित्त, कफ) की वजह से होती हैं इसलिए बीमारी के जड़ से खत्म करने के लिए दोषों को संतुलित करना आवश्यक है। इसके लिए एसकेडी में विशेष आयुर्वेदिक उपचार किए जाते हैं, जैसे तेल मालिश, पंचकर्म, स्टीम थेरेपी आदि। ये आयुर्वेदिक थेरेपी न केवल बीमारियों को ठीक करने में मदद करती हैं बल्कि इम्युनिटी को बढ़ाने और पाचन को बेहतर बनाने में भी सहायक हैं।
शरीर को डिटॉक्स करने के लिए वाग्भट वेलनेस सेंटर में पंचतत्व जैसे मिट्टी, जल, और धूप से भी उपचार किये जाते हैं कि मड बाथ, हाइड्रोथेरेपी, और सन बाथ आदि। यह साइंस और प्रकृति का एक अनूठा मेल है जिसके बहुत विश्वसनीय रिजल्ट देखने को मिलते हैं।

वाग्भट वेलनेस का एक अहम हिस्सा है आपकी डाइट। कहावत है कि जैसा आप खाते हैं वैसा आप दिखते हैं। इसलिए वाग्भट वेलनेस सेंटर में मिलने वाला खाना टेस्टी, हेल्दी, लाइट और पूरी तरह ऑर्गेनिक होता है। इस खाने में तेल और मसाले नहीं होते, होता है तो बस ताज़े फल, सब्जियां और पौष्टिकता से भरपूर स्वादिष्ट खाना जो शरीर को अंदर से पोषण देता है।

शहर के शोर-शराबे से दूर पीलीबंगा रोड़ पर टोल नाके से आगे हरियाली और शांत वातावरण में स्थित एसकेडी यूनिवर्सिटी में यह वाग्भट वेलनेस सेंटर मानसिक शांति के लिए परफेक्ट जगह साबित हो सकती है। चाहे आप यहां आकर मेडिटेट करना चाहें या बस खुद को शहर की भीड़-भाड़ से दूर रिफ्रेश करना चाहें, यहाँ का माहौल हर तरह से एकदम परफेक्ट है।



