




भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
राजस्थान पुलिस के महानिदेशक यूआर साहू को राजस्थान लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने मंगलवार को इस आशय का आदेश जारी किया। अब प्रदेश में नए डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी यूआर साहू ओडिशा मूल के हैं और 11 फरवरी 2024 को राजस्थान के डीजीपी पद पर पदस्थापित हुए थे। उनकी पहचान एक ईमानदार, सख्त और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में रही है। राजस्थान लोक सेवा आयोग पिछले कुछ वर्षों से विवादों में घिरा रहा है। पेपर लीक, भाई-भतीजावाद, पक्षपात और रिश्वत जैसे गंभीर आरोपों ने इस प्रतिष्ठित संस्था की छवि को धूमिल किया है। अभ्यर्थियों का विश्वास डगमगा चुका है और चयन प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यूआर साहू के सामने आयोग की साख को पुनः स्थापित करने और युवाओं में भरोसा बहाल करने की बड़ी चुनौती होगी।
साहू को एक कठोर प्रशासक के रूप में जाना जाता है, जो फैसले लेने में संकोच नहीं करते। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे आरपीएससी जैसे संवेदनशील और जटिल संस्था में अपनी नेतृत्व क्षमता से क्या बदलाव ला पाते हैं। उनकी प्राथमिकता में निष्पक्ष चयन प्रक्रिया, तकनीकी सुधार, और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता प्रमुख होंगे।
यूआर साहू का राजस्थान के कई जिलों से गहरा जुड़ाव रहा है, लेकिन हनुमानगढ़ में बतौर एसपी उनका कार्यकाल विशेष रूप से यादगार रहा। वे वहां अपने कड़क मगर व्यवहारकुशल रवैये के लिए प्रसिद्ध हुए। अपराधियों में उनका खौफ और आमजन में विश्वास उनकी कार्यशैली की दो खास पहचान थीं। यह जमीनी अनुभव अब उन्हें आरपीएससी जैसे संवेदनशील और जन-आधारित संस्थान को समझने में मदद करेगा।
युवाओं में उम्मीद की किरण
आरपीएससी की जिम्मेदारी संभालते ही साहू के समक्ष सबसे पहली प्राथमिकता होगी, युवाओं का विश्वास पुनः अर्जित करना। लाखों युवा जिनका भविष्य आयोग की पारदर्शिता पर निर्भर करता है, वे अब एक सख्त और ईमानदार अफसर से नई उम्मीद लगाए बैठे हैं। यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक नैतिक सुधार की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।




