






भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। जयपुर, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर और झालावाड़ समेत कई जिलों में निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। स्थानीय प्रशासन ने सेना सहित अन्य एजेंसियों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। कोटा और बूंदी जिले के कई केंद्रों पर रविवार को होने वाली आरएससीआईटी परीक्षा स्थगित करनी पड़ी।

शनिवार को प्रदेशभर में कई जगह जोरदार बारिश हुई। करौली में 41.5 मिमी, अंता-बारां व चित्तौड़गढ़ में 39 मिमी, दौसा में 33.5 मिमी, जयपुर में 29.5 मिमी, वनस्थली में 20.4 मिमी, कोटा में 18 मिमी, भीलवाड़ा में 17 मिमी, पिलानी व सीकर में 15 मिमी और अजमेर में 10.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे कई गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए और उनका संपर्क कट गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम प्रशासन और सेना के जवानों की मदद से जारी है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को बूंदी के केशोरायपाटन पहुंचे और जलभराव प्रभावित बस्तियों का जायजा लिया। उनके साथ कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सवाई माधोपुर जिले का दौरा किया। दोनों ही जिलों में सेना को राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया है।

तेज बारिश के चलते कई बांधों के गेट खोलने पड़े। करौली के पांचना बांध से 17,496 क्यूसेक, बीसलपुर से 72,120 क्यूसेक, ईसरदा से 14,780 क्यूसेक, कालीसिंध से 8161 क्यूसेक और कोटा बैराज से 12,344 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

इसी बीच बूंदी के लबान के पास दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह गई, जिसके कारण कई ट्रेनों को नजदीकी स्टेशनों पर रोकना पड़ा। जयपुर-कोटा हाईवे पर टोंक जिले के देवली कस्बे में पानी भर गया और कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भी यातायात रोकना पड़ा।

मौसम विभाग ने रविवार को कोटा और बूंदी जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं बारां, झालावाड़, टोंक, भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर और पाली में ऑरेंज अलर्ट और अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का अनुमान है कि यह बारिश का दौर 25 अगस्त तक जारी रह सकता है।

प्रदेश में इस साल मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय है। 1 जून से 22 अगस्त तक औसतन 336.5 मिमी बरसात होती है, जबकि इस बार 476.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी अब तक 42 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



