





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के बहाव क्षेत्र में पानी बढ़ने से लोगों में बेचैनी का माहौल बना हुआ है। 29 अगस्त को भद्रकाली मंदिर के सामने बने पुल से पानी गुजरने पर प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से इस मार्ग को बंद कर दिया। हालात को देखते हुए पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो।

जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, पुलिस अधीक्षक हरिशंकर, एसडीएम मांगीलाल सुथार तथा सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं। वहीं पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप भी अपने समर्थकों के साथ घग्घर क्षेत्र के बंधों का निरीक्षण करने पहुंचे और लोगों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली।

सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 अगस्त को गुल्लाचिक्का में 19,558 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। इसी तरह खनौरी में 6,925 क्यूसेक, चांदपुर में 6,600 क्यूसेक, ओटू हेड में 28,000 क्यूसेक, साइफन में 15,880 क्यूसेक, नाली बैड में 5,000 क्यूसेक, आरडी 42 जीडीसी में 10,770 क्यूसेक, आरडी 133 जीडीसी में 4,200 क्यूसेक और आरडी 158 जीडीसी में 4,150 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि नदी में पानी की मात्रा लगातार बढ़ रही है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है।

घग्घर बहाव क्षेत्र के तकनीकी विशेषज्ञ एवं सिंचाई विभाग के पूर्व अभियंता सहीराम यादव का कहना है कि जब तक गुल्लाचिक्का में 40 हजार क्यूसेक से अधिक पानी की आवक नहीं होती, तब तक किसी प्रकार का खतरा नहीं माना जाता। लेकिन उन्होंने यह भी चेताया कि हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण भविष्य में पानी की मात्रा बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन और सिंचाई विभाग को पूरी तरह सतर्क रहना होगा।

जानकारों का मानना है कि घग्घर क्षेत्र में स्थित बंधों की समय रहते मरम्मत जरूरी है। कई स्थानों पर बंधों में दरारें और जर्जरता सामने आई है। यदि पानी का स्तर और बढ़ा तो इन बंधों पर दबाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि प्रशासन और सिंचाई विभाग को सक्रिय रहकर हर जरूरी कदम उठाना चाहिए।

प्रशासन ने नदी किनारे के गांवों में अलर्ट जारी किया है और लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन ने कहा कि फिलहाल घग्घर के पानी से कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस, राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमें लगातार मौके पर निगरानी कर रही हैं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुल से पानी गुजरने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से रास्ते को बंद कर दिया गया है। लोगों को सुरक्षित रास्तों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल चौकन्ना है।

पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप भी हालात का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने घग्घर क्षेत्र में बंधों की मजबूती की जांच की और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी चिंताओं को सुना। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को दीर्घकालिक योजना बनानी चाहिए ताकि हर साल बरसात के मौसम में लोगों को इस तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

स्थानीय लोगों के बीच नदी के उफान को लेकर बेचैनी देखी जा रही है। खासकर भद्रकाली मंदिर क्षेत्र और आसपास के गांवों में लोग लगातार नदी की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पानी का बहाव पुल से गुजरने के बाद डर का माहौल और गहरा गया है। हालांकि अधिकारियों और विशेषज्ञों के आश्वासन के बाद लोगों को भरोसा है कि प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखेगा।


