





रावतसर से एमएल शर्मा.
हाथों में सिंदूरी रंग की पताकाएं थामे मातृशक्ति, डीजे पर गणेश भजनों की अमृतवर्षा, रथ में विराजित महाराज गजानंद की अद्वितीय प्रतिमा, नाचते झूमते श्रद्धालु और ‘गणपति बप्पा मोरिया’ के उदघोष! इसी नजारे के साथ आज बुधवार यानी 27 अगस्त को 11वें गणेश महोत्सव का आगाज हुआ। रामदेव मंदिर से शुरू हुई ध्वज यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल रामलीला मैदान पहुंची जहां पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

दरअसल, श्रीगणेश महोत्सव कमेटी के तत्वाधान में विशाल गणेश महोत्सव का आयोजन आरम्भ हुआ। रामलीला मैदान स्थित गणेश पंडाल में आचार्य पंडित बजरंगलाल शास्त्री द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा करवाई गई तथा विनायक मूर्ति का चक्षु वस्त्र हटाकर अनावरण किया गया। आरती क बाद अपरान्ह के समय कथा वाचन आरम्भ किया गया। प्रथम दिन कथा वाचक आचार्य बजरंगलाल शास्त्री के मुखारविंद उपस्थित भक्तों ने प्रथम पूज्य देव भगवान गणेश की सुंदर शब्दों में जन्म कथा का श्रवण किया।

समिति के अनुसार यहां 6 सितंबर तक नित्य सवा 2 बजे से गणेश कथा का वाचन किया जाएगा। प्रतिदिन प्रातः एवं रात्रि सवा आठ बजे आरती की जाएगी। वहीं 5 सिंतबर को रात्रि में विशाल जागरण का आयोजन किया होगा जिसमें विख्यात गायक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही 31 अगस्त को राधा अष्टमी पर छोटी राधा ग्रुप व जया प्रजापति द्वारा आकर्षक सचेतन झांकियां सजाई जाएगी।

कथा के अंतिम दिन सुबह सवा 10 बजे पूर्णाहुति के बाद अन्नत भगवान की कथा व प्रसाद भण्डारा किया जाएगा। दोपहर सवा दो बजे नगर परिक्रमा के बाद महोत्सव का समापन होगा। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष सोनू कड़वासरा, देवकीनंदन नाथ, प्रेम सिकरिया, बृजलाल हिसारिया सहित युवाओं का विशेष सहयोग है।





