




भटनेर पोस्ट डेस्क.
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने सभी 309 नगर निकायों के चुनाव एक साथ दिसंबर में करवाने की तैयारी कर ली है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस आशय के संकेत दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है और निर्वाचन आयोग से जल्द चुनावी कार्यक्रम की घोषणा करने का अनुरोध किया जाएगा।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ने नगर निकायों के पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और उसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। अब वार्डों के पुनर्सीमांकन का नोटिफिकेशन भी एक सप्ताह के भीतर प्रकाशित कर दिया जाएगा। इसके बाद निर्वाचन विभाग इस महीने के अंत तक मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। मतदाता सूची के तैयार होते ही राज्य सरकार निर्वाचन आयोग से आग्रह करेगी कि दिसंबर में सभी निकायों के चुनाव एक साथ करवाए जाएं।

पिछली बार प्रदेश में कुल 312 निकायों में चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार जयपुर, जोधपुर और कोटा में नगर निगमों का एकीकरण कर दिया गया है, जिससे कुल संख्या 309 रह गई है। मंत्री खर्रा ने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा नगर निगमों का कृत्रिम विभाजन कर जनता को गुमराह किया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने उस ‘गलती और बदनीयती’ को ठीक कर दिया है। अब इन तीनों महानगरों में एक ही नगर निगम होगा और एकीकृत व्यवस्था के तहत चुनाव होंगे।
मंत्री ने संकेत दिए कि आने वाले समय में पंचायत चुनाव भी एक साथ कराने की दिशा में विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ मॉडल से न सिर्फ प्रशासनिक सुगमता बढ़ेगी, बल्कि चुनावी खर्च और समय की भी बचत होगी। इससे शासन की निरंतरता बनी रहेगी और विकास कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

माना जा रहा है कि राजस्थान में दिसंबर में 309 निकायों के चुनाव एक साथ कराने की तैयारी तेज हो चुकी है। मंत्री झाबर सिंह खर्रा के इस ऐलान से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और सभी दलों ने अब कमर कसनी शुरू कर दी है। अब सबकी निगाहें निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। यदि यह योजना सफल रही, तो यह देश में लोकतांत्रिक सुधारों की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी।



