



भटनेर पोस्ट डेस्क.
श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़ को राष्ट्रीय कैडेट कोर एनसीसी की सीनियर डिवीजन/सीनियर विंग यूनिट की आधिकारिक स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह स्वीकृति विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
एनसीसी निदेशालय राजस्थान की ओर से जारी आदेश के अनुसार श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय को कुल 54 कैडेट्स की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह यूनिट सेल्फ फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत संचालित की जाएगी तथा इसका प्रशिक्षण सत्र वर्ष 2026 से आरंभ होगा। इससे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को एनसीसी जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्था से जुड़कर देशसेवा का अवसर प्राप्त होगा।
एनसीसी यूनिट की शुरुआत से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, टीम भावना एवं देशभक्ति का विकास होगा। साथ ही यह यूनिट विद्यार्थियों को भारतीय सैन्य सेवाओं, अर्धसैनिक बलों, पुलिस सेवाओं एवं अन्य राष्ट्रीय सेवाओं में करियर के लिए प्रेरित और तैयार करेगी।

श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने इस उपलब्धि को श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। एनसीसी केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने का सशक्त माध्यम है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करना है।

विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल गिरीश चावला ने कहा कि एनसीसी केवल वर्दी और परेड का नाम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, नेतृत्व, सेवा-भाव और देशभक्ति का जीवन-दर्शन है। इस यूनिट के माध्यम से हमारे छात्र-छात्राओं को आत्मविश्वास, टीम भावना, निर्णय क्षमता और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का बोध मिलेगा। यह प्रशिक्षण उन्हें न केवल सैन्य एवं अर्धसैनिक सेवाओं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करेगा।




