





भटनेर पोस्ट ब्यूरो.
हनुमानगढ़ में श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की 22वीं बैठक विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में चेयरपर्सन वरुण यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं विकासात्मक गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। चेयरपर्सन वरुण यादव ने बताया कि बैठक में योग विभाग द्वारा आयोजित गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स प्रबंधन मंडल द्वारा सराहना की गयी। विश्वविद्यालय में राष्ट्रिय स्तर पर भव्य कृषि मेले का आयोजना मार्च 2025 में किया गया था। कृषि मेले का उद्घाटन राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सी आर चौधरी द्वारा किया गया, जनवरी 2025 में अन्वेषिका-2 का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन जिला कलेक्टर काना राम द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एंव अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई खिलाडी चयनित हुए है।

विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर पर कई कार्यक्रम जैसे उत्तम फलों की नर्सरी, बड़े स्तर पर मधुमक्खी पालन परियोजना, बीज उत्पादक प्रोग्राम तथा प्राकृतिक खेती के लिए बड़े स्तर पर केंचुआ खाद उत्पादन, नेचुरल पैथी वेलनेस, स्वास्थ्य सुविधाओं की उन्नयन, किसान आय संवर्धन तथा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम आदि शुरू किया गए तथा साथ ही प्रथम दीक्षांत समारोह कार्यक्रम की सफलता की सराहना की गई। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि अन्वेषिका (नेशनल लेवल साइंस इनोवेशन प्रोजेक्ट एग्ज़िबिशन) का आयोजन नवंबर/दिसंबर 2025 में तथा कृषि मेले का आयोजन आगामी महीनों में प्रस्तावित है तथा नए कोर्सेज की प्राथमिकता रहेगी।

प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा ने बताया कि विश्वविद्यालय में ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म एवं री-एडमिशन फॉर्म लागू किए जा चुके हैं। साथ ही माइग्रेशन, कैरेक्टर सर्टिफिकेट, ट्रांसक्रिप्ट सहित अन्य दस्तावेजों को भी ऑनलाइन जारी करने की अनुशंसा की गई है। उन्होंने बताया कि डीजीलॉकर और नेशनल अकादमिक डिपॉजिटरी पर दस्तावेजों की समीक्षा की गई तथा एनएएसी मूल्यांकन की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कुलपति प्रो. (डॉ.) रामावतार मीणा ने बैठक में विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट सत्र 2024-25 प्रस्तुत की, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकृति दी। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई।

सदस्य सचिव प्रो. (डॉ.) श्यामवीर सिंह ने जानकारी दी कि सत्र 2025-26 से विश्वविद्यालय में अनेक नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से बी.ए.बी.एड. इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटी एवं हियरिंग इम्पेयरमेंट, मिडिल स्टेज, बी.एससी. क्लिनिकल साइकोलॉजी (ऑनर्स), मास्टर ऑफ एजुकेशन स्पेशल एजुकेशन, हियरिंग इम्पेयरमेंट, पी.जी.डी.आर.पी., बी.एससी. आयुर्वेद नर्सिंग, डी.ए.एन. एंड पी., बी.एन.वाई.एस., जी.एन.एम., एल.एल.एम. (क्रिमिनल एंड सिक्योरिटी लॉज़), मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी (ऑर्थाेपेडिक्स, स्पोर्ट्स साइंसेज़, न्यूरो साइंसेज़), मास्टर ऑफ साइंस (साइकोलॉजी) एवं बी.जे.एम.सी. शामिल हैं। बैठक में विश्वविद्यालय के भावी विस्तार एवं गुणवत्ता संवर्द्धन हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में प्रथम दीक्षांत समारोह की सफलता का जिक्र करते हुए द्वितीय दीक्षांत समारोह सत्र 2023-24 के ग्रेजुएट, मास्टर डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों , रिसर्च स्कॉलर्स तथा विभिन्न फैकल्टी के अवॉर्ड विजेताओं को डिग्री और सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया। भविष्य के लिए पशुपालन तथा नए कोर्सेज की प्राथमिकता दी गयी। बैठक का समापन सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी, मार्गदर्शन और महत्वपूर्ण सुझावों दिए। इस बैठक में कृष्णा यादव, नेहा यादव, डायरेक्टर जनरल गिरीश चावला, सेवानिवृत संयुक्त निदेशक मोहन लाल स्वामी, प्रो. डॉ. विक्रम सिंह औलख, डॉ. स्वाति ओझा, अनुराग छाबड़ा, मनोज गर्ग सहित अन्य मान्य सदस्य उपस्थित रहे।





