



भटनेर पोस्ट डेस्क.
हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का माहौल इन दिनों भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा हुआ है। सार्वजनिक नवयुवक समिति के तत्वावधान में आयोजित अष्टयाम यज्ञ ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ कीर्तन का 25वां वार्षिक महोत्सव बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ प्रारंभ हो गया है। इस रजत जयंती वर्ष का आयोजन स्थानीय निवासियों, समाजसेवियों और व्यापारियों के सहयोग से हो रहा है, जिसमें भक्ति के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का अनुपम संदेश भी निहित है। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना और मंगलाचरण के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पारंपरिक परिधानों में सजधजकर शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र पारीक, पूर्व पार्षद बलराज सिंह, सौरभ शर्मा, राजेश मदान, समाजसेवी नरेंद्र झुरिया, बाल कल्याण समिति सदस्य एडवोकेट विजय सिंह चौहान, मृत्युंजय सिंह, राधेश्याम गुप्ता, मुकेश कुमार गुप्ता, एडवोकेट राजेश गुप्ता, शत्रुघ्न प्रसाद, हरेंद्र कुमार, दिलीप कुमार और विजय कुमार सिंह सहित कई गणमान्य नागरिकों ने विशेष रूप से पूजा-अर्चना में भाग लिया।

समिति अध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद ने बताया कि इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि जाप 24 घंटे लगातार और खड़े होकर किया जाता है। इसमें विभिन्न मंडलियों के श्रद्धालु बारी-बारी से अपनी सेवा देते हैं, ताकि कीर्तन अखंड रूप से चलता रहे। यह परंपरा पिछले 25 वर्षों से निभाई जा रही है और श्रद्धालु इसे अपना सौभाग्य मानते हैं। आयोजकों ने बताया कि इस अखंड जाप का समापन अगले दिन होगा, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

भंडारे में इलाके के सभी लोगों को प्रसाद स्वरूप भोजन करवाया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह भंडारा केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आपसी मेलजोल और भाईचारे का उत्सव भी है। लोग जाति, धर्म और क्षेत्रीयता से ऊपर उठकर एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं, जिससे समाज में एकजुटता की भावना और प्रबल होती है।

बाल कल्याण समिति सदस्य विजय सिंह चौहान के मुताबिक, इस धार्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल इलाके में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करना है, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना भी है। पिछले 25 वर्षों में इस आयोजन ने न केवल धार्मिक महत्व अर्जित किया है, बल्कि यह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की पहचान भी बन गया है। विशेष उल्लेखनीय है कि यहां पूर्वांचल वासी और स्थानीय निवासी मिलकर इस आयोजन को संपन्न कराते हैं, जिससे सांस्कृतिक विविधता के बीच अद्भुत एकता का संदेश जाता है।

समिति सदस्य मृत्यंजय सिंह के मुताबिक, जाप के दौरान हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का हर कोना भक्ति-रस में डूबा दिखाई देता है। मंत्रों की गूंज, मंजीरे और ढोलक की थाप तथा भजन-कीर्तन की मधुर स्वर लहरियां वातावरण को पवित्र और ऊर्जावान बना देती हैं। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ का उच्चारण करते हैं, जिससे मानो पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठता है।
हरेंद्र व विजय सिंह बताते हैं कि जब यह आयोजन शुरू हुआ था, तब इसमें कुछ दर्जन लोग ही भाग लेते थे, लेकिन आज इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैल चुकी है। अब आसपास के कस्बों और गांवों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनते हैं। आयोजन में भाग लेने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि यह न केवल आध्यात्मिक लाभ देता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है।

समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि इस आयोजन के सफल संचालन के लिए महीनों पहले से तैयारी शुरू हो जाती है। मंडप सजावट, प्रकाश व्यवस्था, मंच निर्माण और भंडारे की व्यवस्था में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक जुटते हैं। महिलाएं भजन-कीर्तन और प्रसाद तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, जबकि युवा मंडली व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालती है।

इस बार रजत जयंती वर्ष होने के कारण आयोजन में विशेष आकर्षण भी जोड़े गए हैं। सजावट में रंग-बिरंगी झालरों और पुष्पों का भरपूर उपयोग किया गया है, जबकि रात के समय रोशनी की मनमोहक सज्जा पूरे इलाके को अलौकिक आभा प्रदान करती है। आयोजकों ने बताया कि भंडारे में पारंपरिक व्यंजन के साथ-साथ सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई है।

